
ओईनी न्यूज नेटवर्क।
Oini 24 डेस्क समस्तीपुर। मनरेगा ऐसा क्रांतिकारी कदम था, जिसने लोगों को रोजगार का कानूनी हक दिया और ग्राम पंचायतों को ताकत मिली। लेकिन मोदी सरकार ने मनरेगा पर बुलडोजर चला दिया है। न सिर्फ महात्मा गांधी का नाम हटाया, बल्कि मनरेगा का स्वरूप मनमाने ढंग से बदल दिया।
मनरेगा में मनमाने ढंग से बदलाव के खिलाफ वामपंथी दलों के विरोध प्रदर्शन के क्रम में आयोजित सभा को संबोधित करते हुए भाकपा माले जिला सचिव उमेश कुमार ने उक्त बातें कही। उन्होंने कहा कि यूपीए सरकार के दौरान वामपंथी दलों के प्रयास से मनरेगा को कानूनी दर्जा दिया गया था। मोदी सरकार ने इस कानून को कमजोर करके देश के करोड़ों किसानों, श्रमिकों और गरीबों के हितों पर हमला किया है।
बताते चलें कि मनरेगा में मनमाने ढंग से बदलाव के खिलाफ भाकपा माले, माकपा एवं भाकपा सहित वामपंथी दलों के नेताओं व कार्यकर्ताओं ने स्टेशन चैक से जुलूस निकालकर समस्तीपुर समाहरणालय पर जोरदार प्रदर्शन किया।
इस दौरान उन्होंने मनरेगा को कृषि से जोड़ने, मजदूरी एवं काम का अवसर बढ़ाने, मनरेगा कानून को पुनर्बहाल करने, मजदूर विरोधी 4 श्रमकोड वापस लेने, दलित बस्तियों पर चलाये जा रहे बुलडोजर एक्शन पर रोक लगाने की मांग की।
इस क्रम में सबसे पहले सोमवार को बड़ी संख्या में वामपंथी दलों के कार्यकर्ताओं ने शहर के स्टेशन चैक से अपने-अपने हाथों में झंडे, बैनर एवं मांगों से संबंधित नारे लिखी तख्तियां लेकर जुलूस निकाला। नारे लगाता हुआ जुलूस स्टेशन चैक, स्टेशन रोड, पुरानी पोस्ट आफिस रोड, चीनी मिल चैक, औवरब्रीज चैराहा, स्टेडियम गोलंबर होते हुए समाहरणालय पर प्रदर्शन किया।
तत्पश्चात जुलूस अंबेडकर स्थल पहुंचकर सभा में तब्दील हो गया। माकपा जिला सचिव रामाश्रय महतो, भाकपा माले जिला सचिव उमेश कुमार आदि ने संयुक्त रूप से सभा की अध्यक्षता की।
सभा को माकपा जिला सचिव रामाश्रय महतो, भाकपा माले के जीबछ पासवान, उपेंद्र राय, सुरेंद्र प्रसाद सिंह, ललन कुमार, अमित कुमार, सुरेश पंडित, महेश कुमार, भाकपा के गजेंद्र प्रसाद चैधरी, अनील प्रसाद, शंकर प्रसाद साह, रामचंद्र राय, शत्रुधन पंजी, मो० मुन्ना, अर्जून कुमार, महेंद्र नारायण राय, माकपा के रामदयाल भारती, शाहजफर इमाम, सत्यनारायण सिंह, रामसागर पासवान, रघुनाथ राय, रामप्रकाश यादव, उपेंद्र राय आदि ने भी संबोधित किया।