
ओईनी न्यूज नेटवर्क।
ओईनी 24 डेस्क समस्तीपुर। मंगलवार को समस्तीपुर कॉलेज समस्तीपुर के स्नातकोत्तर राजनीति विज्ञान विभाग के तत्वधान में विश्व मानवाधिकार दिवस की पूर्व संध्या पर “21वीं सदी में मानवाधिकार की प्रासंगिकता” विषयक एक दिवसीय संगोष्ठी का आयोजन महाविद्यालय के प्रधानाचार्य प्रो (डॉ) शशि भूषण कुमार शशि की अध्यक्षता में किया गया।
अतिथियों का पुष्प गुच्छ से स्वागत की तमाम औपचारिकता के बाद अतिथियों द्वारा संयुक्त रूप से दीप प्रज्ज्वलन, सरस्वती वंदना एवं स्वागत गान के साथ संगोष्ठी का विधिवत शुभारंभ किया गया।
इस अवसर पर अपने संबोधन में प्रधानाचार्य डॉ शशि ने कहा कि मानवाधिकार मानव समाज के विकास के लिए महत्वपूर्ण है। प्राचीन काल में महात्मा गौतम बुद्ध ने मानवता को मजबूत करने के लिए सामाजिक, सांस्कृतिक एवं धार्मिक समन्वय का मार्ग प्रशस्त किया, जो आज भी प्रासंगिक है। बदलते समय के साथ मानवतावाद का पोषण करना अत्यावश्यक प्रतीत हो रहा ।
वहीं राजनीति विज्ञान के विभागाध्यक्ष डॉ. मो. जावेद अनवर ने कहा कि मानवाधिकार मानवों के लिए अमृत समान है । हमें चाहिए कि अपने साथ-साथ अन्य लोगों के कल्याण का ध्यान रखें। इसके लिए हमें मूलभूत आवश्यकताओं की पूर्ति करने की ओर आगे बढ़ना होगा, न कि अति तृष्णा व अहंकार को अपनाएँ। वहीं डॉ. सुमन कुमार सिन्हा ने मानवाधिकार की चौथी पीढ़ी की प्रासंगिकता पर अपना विचार व्यक्त किया, तो डॉ. अनिल कुमार यादव ने मानवाधिकार के सैद्धान्तिक पक्ष पर अपना विचार रखा ।
मौके पर डॉ. दुर्गेश राय, डॉ. सफवान सफवी, डॉ. दिनेश्वर राय, डॉ. राजा साहू, डॉ. मीनाक्षी कुमारी समेत विभाग के विद्यार्थी उपस्थित थे ।