
ओईनी न्यूज नेटवर्क।
Oini 24 डेस्क समस्तीपुर। हालिया संपन्न विधानसभा चुनाव के परिणाम की घोषणा के बाद 15 नवंबर का सूरज जब निकला तो वह एक तरफ एनडीए के प्रचंड बहुमत का जो जयघोष करता दिखा उसमें समस्तीपुर केलिए बिलकुल नई सुबह का अनुनाद सुनाई दिया जिसमें नारी सशक्तिकरण के बुलंदी का का उद्घोष भी छुपा था।
जी हां, समस्तीपुर विधानसभा से उजियारपुर लोकसभा की पहली सांसद अश्वमेध देवी की जीत के साथ समस्तीपुर के चारों शीर्ष निर्वाचित पदों पर नारी शक्ति का कब्जा हो गया है। समस्तीपुर विधानसभा से तीन बार के विधायक को हरा कर जनता ने एक बार फिर नारी शक्ति पर भरोसा जताया और जदयू की कद्दावर नेत्री अश्वमेध देवी को अपना विधायक चुन लिया।
लोक सभा में समस्तीपुर का प्रतिनिधित्व सबसे युवा सांसद शाम्भवी चैधरी, जिला परिषद अध्यक्ष का पद खुश्बू कुमारी, नव गठित नगर निगम के पहले महापौर की जिम्मेदारी अनीता राम के कंधों पर थी ही, अब विधानसभा में विधायक के रूप में समस्तीपुर का प्रतिनिधित्व करने की जिम्मेदारी अश्वमेध देवी के कंधों पर आ गई है।
इस प्रकार समस्तीपुर के इतिहास में यह संयोग पहली बार है जब समस्तीपुर का नेतृत्व और विकास की बागडोर अब निर्विवाद रूप से पूरी तरह मातृ शक्ति नारी शक्ति के हाथों में होगी। लोगों को उम्मीद है अब समस्तीपुर के विकास की नई इबारत लिखने की शुरुआत होगी।
जननायक की धरती समस्तीपुर की जनता ने अपनी बहु और बेटियों को इतना प्यार दिया कि परिणाम आने वाले कई दशकों तक याद रखा जाएगा। यह महज राजनीति घटना नहीं, बल्कि नारी सशक्तिकरण व विकास के उम्मीद की नई किरण बनकर उभरी है।
इतिहास साक्षी है कि आदिकाल में हमारा देश मातृसत्तात्मक सामाजिक संरचना पर आधारित था, जिसमें महिलाओं की प्रधानता थी और मातृशक्ति निर्णायक भूमिका में होती थी। यह भी प्रमाणिक सत्य है कि हर दौर में किसी बडे बदलाव की वाहक नारी शक्ति ही रही है।
जब भी महिलाएं मुख्य नेतृत्व की भूमिका में आती है तो बदलाव की गति तेज और निर्णायक होती है। क्योंकि पुरूषों की तुलना में कठोर फैसले लेने में महिलाओं की इच्छा शक्ति अतुलनीय है। जनता भी बदलाव और विकास की आस लगाए बैठी है।
उन्हें उम्मीद है कि उनकी यह पसंद अब नया इतिहास लिखेंगी। आने वाले समय में जिले में मजबूत बदलाव दिखेंगे। शहर से गांव तक ही नहीं बिहार से पूरे देश में इसका असर दिखेगा।