
ओईनी न्यूज नेटवर्क।
Oini24 डेस्क समस्तीपुर । एक समय था जब आधुनिक एवं उच्च गुणवत्तापूर्ण तकनीक से चिकित्सा केलिए लोग मेट्रो सिटी, या कहें महानगरों के मोहताज हुआ करते थे। उच्च क्वालिटी का लेंस लगाना हो या फेको विधि से आंख का आपरेशन लोग बडे शहरों या पडोसी देश का रूख करते थे।
मगर आज की तारीख में मिथिला आंख हाॅस्पीटल के संस्थापक सह मुख्य चिकित्सक सुविख्यात नेत्र रोग विशेषज्ञ डाॅ नवीन कुमार झा की सार्थक व सदिश पहल के कारण अब एक नहीं बल्कि सिर्फ समस्तीपुर जिले में मुसरीघरारी, रोसडा, मोहिउद्दीननगर के अलावा खगडिया, वैशाली जिले के महुआ, अररिया जिले के पुर्णिया, मधुबनी जिले के सकरी, में भी मिथिला आंख हाॅस्पीटल की शाखाओं में मोतियांबिंद ही नहीं मायोपिया, ग्लूकोमा, रेटिनोपैथी सहित आंख की तमाम गंभीरतम बिमारियों का सफलता पूर्वक ईलाज की सुविधा उपलब्ध है।.
इन सभी जगहों पर आधुनिकतम तकनीक व उपकरण से आंखों का सफल ईलाज किया जाता है। जिसमें आॅपरेशन के कुछ ही घंटे बाद मरीज समान्य दिनचर्या अपना लेते हैं।
शुक्रवार को एक मुलाकात के दौरान डाॅ झा ने बताया कि बचपन से चश्मा लगाने वाले युवक को आज सफलतापूर्वक आपरेशन कर चश्में से छुटकारा दिलाने में हमने सफलता पाई है। डाॅ नवीन ने बताया कि उक्त युवक मायोपिया का शिकार था। अंतिम परीक्षण के वक्त उनकी आंखों का पावर -12 था।
इस बिमारी में छोटी उम्र में माईनस पावर आने से नजदीक की चीजें धुधली दिखती है। बचपन में अधिक समय मोबाईल, टीवी, कंप्यूटर आदि पर लगातार देखने से इस तरह की शिकायतें आती है। जिले के बरगामा निवासी अमित कुमार (21) इसी तरह की बिमारी के शिकार थे। जिस कारण बचपन में ही उनकी आंखों पर चश्मा लग गया था। समय के साथ-साथ पावर बढता जा रहा था। मगर आज के आपरेशन के बाद उनको चश्में से छुटकारा मिल गया है।