
ओईनी न्यूज नेटवर्क।
समस्तीपुर। शिक्षा का तात्पर्य सिर्फ किताबी ज्ञान नहीं है। जब हम सर्वांगीन विकासोन्मुख शिक्षा की बात करते हैं तो उसमें कला, संस्कृति, कर्तव्य बोध, के साथ-साथ खेल, शिष्टाचार, और अनुशासन, भी समाहित होनी चाहिए।
अनुमंडल पदाधिकरी दिलीप कुमार ने ईडेन पब्लिक स्कूल में आयोजित समर कैंप पुरस्कार वितरण सह समापन समारोह के अवसर पर अपने संबोधन में उक्त बातें कही।
उन्होंने कहा कि बच्चे देश के भविष्य होते है। शैक्षणिक विकास के साथ-साथ इनके व्यक्तित्व विकास एवं चरित्र निर्माण पर भी ध्यान देने और उन्हें भारतीय संस्कृति, परंपराओं और संस्कारों से जोड़ने की जरूरत है।
बताते चलें कि शहर के बलभद्रपुर स्थित ईडन पब्लिक स्कूल, में आयोजित सात दिवसीय समर कैंप पुरस्कार वितरण के साथ समारोह पूर्वक संपन्न हो गया। इस अवसर पर सर्वप्रथम मुख्य अतिथि सहित तमाम आगत अतिथियों का पुष्प वर्षा से स्वागत के उपरांत पाग, शाॅल एवं स्मृति चिन्ह से अभिनंदन किया गया। पुनश्च तालियों की गड़गड़ाहट के साथ अतिथियों ने संयुक्त रूप से दीप प्रज्वलित कर समारोह का विधिवत उद्घाटन किया।
चेतना सामाजिक संस्था के अध्यक्ष डाॅ मिथिलेश कुमार की अध्यक्षता में आयोजित समारोह में विशिष्ट अतिथि के रूप में आशा सेवा संस्थान के सचिव अमित कुमार वर्मा ने भी अपने उद्गार व्यक्त किये। थे।
अपने अध्यक्षीय संबोधन में डॉ मिथिलेश ने कहा कि हमारी “कला एवं सांस्कृतिक परंपरायें हमारे जीवन का आधार हैं। हमारे सामाजिक मान्यताओं व परंपराओं में वे तमाम विशेषताएं मौजूद हैं जिसमें बचपन खिल सकता है, निखर सकता है। यदि हम उन्हें सिर्फ इनसे जोड़कर रख सकें तो बच्चों में नैसर्गिक गुणों का सम्पूर्ण विकास हो सकता है।
इस अवसर पर समर कैंप के दौरान आयोजित विविध प्रतियोगिताओं में सफल प्रतिभागियों को अनुमंडल पदाधिकारी द्वारा प्रशस्ति पत्र एवं मेडल द्वारा सम्मानित किया गया।
आगत अतिथियों का स्वागत और धन्यवाद ज्ञापन ईपीएस के निदेशक ब्रजकिशोर कुमार ने किया। कार्यक्रम को सफल बनाने में रामसागर दास, चंदन कुमार, अमित कुमार, रूपन कुमार राय, रूपम कुमारी, कंगना रानी, सिमरन कुमारी, रिया कुमारी, सूफिया सन, गुलफाम बेग, फैजान, भावना झा, मेघा कुमारी, मयंक कुमार, मृत्युंजय कुमार, पवन कुमार, प्रिंस कुमार, आर्य सुमंत, सुमित कुमार, सृष्टि कुमारी ने महत्वपूर्ण सहयोग किया।