
ओईनी न्यूज नेटवर्क।
समस्तीपुर। बेगानी शादी में अब्दुल्ला दीवाना की तरह पथ निर्माण मंत्री अशोक चौधरी की पुत्री और युवा सांसद शाम्भवी काम किसी का हो श्रेय लेने से नहीं चूकती। पीएम नरेंद्र मोदी की तरह काम नदारद प्रचार पूरा वाले कहावत को चरितार्थ करती नजर आ रही हैं सांसद।
भाकपा माले जिला कमिटी सदस्य सह प्रखंड सचिव पूसा काॅमरेड अमित कुमार उक्त बातें कहीं जब जिला नियोजनालय के एक जाॅब कैंप के संदर्भ में सांसद का एक प्रचार वीडियो वायरल हुआ।
सोमवार को जिले के युवाओं को रोजगार और नौकरी दिलाने केलिए समर्पित जिला नियोजनालय ने एकबार फिर रोजगार/नियोजन मेला के आयोजन की सूचना प्रसारित की। बताते चलें नियोजनालय समस्तीपुर आये दिन कभी जीविका के सहयोग से तो कभी स्वयं तो कभी किसी नियोक्ता के सहयोग से नियोजन/सह परामर्श मेला/शिविर का आयोजन करती रहती है।
इसी कड़ी में अगामी 01 जून को शहर के महिला महाविद्यालय परिसर में अवसर एचआर सर्विसेज प्राईवेट लिमिटेड के सहयोग से जिला नियोजनालय समस्तीपुर ने एक जाॅब शिविर का आयोजन किया है।
अभी जिला नियोजनालय की सूचना लोगों तक पहुंची भी नहीं थी कि सोशल मीडिया में एक वीडियो वायरल हो गया जिसमें एंकर कहती है कि यह रोजगार मेला हमारी प्रचार जीवी सांसद शाम्भवी और उनके पिता अशोक चौधरी के कारण लग रहा है।
कमाल की बात तो ये है कि श्रम एवं नियोजन मंत्री भाजपा नेता संतोष कुमार सिंह का या उनके विभाग का इस पूरे वायरल वीडियो में जिक्र भी नहीं है।
इसी वीडियो और नियोजनालय समस्तीपुर के सूचना पर तंज कसते हुए माले नेता ने कहा कि जिला नियोजनालय एक जिम्मेदार और अपनी जिम्मेदारी के प्रति गंभीर संस्था है। जबकि अवसर जैसे संस्थान श्रमिक उपलब्ध कराने वाली एजेंसियां हैं। जो युवक युवतियों का चयन कर विभिन्न नियोक्ता कंपनियों से उनका मोटे कमीशन के बदले सौदा करती हैं।
इस परिपेक्ष्य में देखा जाय तो यह रोजगार मेला युवाओं की प्रतिभा, श्रम शक्ति और भविष्य को दलालों के हाथों सौंपने जैसा है जो बिहार से श्रम और प्रतिभा के पलायन को समर्थन देना है।
काॅ अमित ने कहा कि जिस “अवसर” एचआर सर्विसेज प्राईवेट लिमिटेड नामक कंपनी ने जिला नियोजनालय के सहयोग से जाॅब कैंप लगाया है उस कंपनी के एचआर का वेतन ही करीब 1.5 से 2.5 लाख सलाना अर्थात 12.5 से 21 हजार मासिक है।
उन्होने कहा कि जिसके एचआर का वेतन अधिकतम 21 हजार हो वे अपने नव नियुक्त कर्मियों को क्या देंगे ये सहज अनुमान लगाया जा सकता है। मगर सांसद प्रचार ऐसे करवा रही हैं मानो जिले के बेरोजगार युवाओं केलिये उन्होंने नौकरियों का भंडार खोल दिया है। जबकि जाॅब कैंप लगेगा बिहार के समस्तीपुर में मगर नियुक्ति होगी बंगलुरू, तमिलनाडू, दिल्ली, गुजरात में।
इस क्रम में सीएम नितीश कुमार पर तंज कसते हुए माले नेता ने कहा कि आश्चर्य तो इस बात का है बीस सालों से मुख्यमंत्री रहते नितीश कुमार बिहार में कहीं भी एक फैक्ट्री नहीं लगवा सके। नयी फैक्ट्री लगवाना छोड़िये, समस्तीपुर में बंद पड़े चीनी मिल और पेपर मिल को फिर से चालू कराने, जूट मिल के स्थायी संचालन की व्यवस्था सुनिश्चित करने को लेकर एक मजबूत योजना नहीं बना सके।
मगर आये दिन दावा करते हैं कि बिहार से श्रम और प्रतिभा का पलायन रोकेंगे। काॅ अमित ने कहा कि यह जाॅब कैंप बिहार से युवा प्रतिभा और श्रम के पलायन को रोकने की जगह पलायन को सरकारी समर्थन से प्रोत्साहित करना है। इसका पुरजोर विरोध होना चाहिए।