
ओईनी न्यूज नेटवर्क
समस्तीपुर/बिथान । मिथिलांचल की हृदय स्थली समस्तीपुर जिला अन्तगर्त बिथान प्रखंड के जगमोहरा स्थित करेह, कमला व कोशी त्रिवेणी संगम तट जगमोहरा में भव्य और दिव्य हरित मिथिला महाकुंभ अंतिम शाही स्नान के साथ संपन्न हो गया। 10 मई से 20 मई तक आयोजित इस ग्यारह दिवसीय महाकुम्भ में पहला शाही स्नान 12 मई को धूमधाम से संपन्न हो गया।
इस अवधि में पूरे क्षेत्र में हर्ष, उल्लास और उत्साह का माहौल रहा। इस दौरान स्नान करने वाले श्रद्धालूओं एवं संतों को हरित मिथिला महाकुंभ का प्रतीक चिह्न पौधा प्रदान कर सम्मानित किया गया। मिथिला महाकुंभ सेवा समिति के संयोजक और परिकल्पना कर्ता पिंटू परदेशी ने बताया कि इस कुम्भ का उद्देश्य पर्यावरण संरक्षण हेतु वृक्षारोपण का प्रचार प्रसार ग्राम स्तर तक पहुंचाना था।
उन्होंने बताया कि करीब ढाई साल के निरंतर व श्रमशील प्रयास का सुफल है हरित मिथिला महाकुंभ में स्नान के लिए आसपास के जिलों ही नहीं अन्य राज्यों से भी लोग त्रिवेणी संगम घाट जगमोहरा पहुंचे। हरित मिथिला महाकुंभ के संयोजक श्री परदेशी ने बताया कि इस महाकुंभ मेला के आयोजन का उद्देश्य मिथिला में पर्यटन विकास व सांस्कृतिक विकास से रोजगार सृजन, प्राकृतिक चिकित्सा के द्वारा जगमोहरा को स्वास्थ्य पर्यटन केंद्र के रूप में स्थापित करना है। ताकि क्षेत्र में युवाओं केलिए रोजगार की संभावनाओं का मार्ग प्रशस्त हो सके।
बताते चलें कि विगत 10 मई को हसनपुर विधानसभा के पूर्व विधायक सुनील कुमार पुष्पम ने त्रिवेणी संगम तट जगमोहरा में मिथिला महाकुम्भ का भ्रमण व निरीक्षण किया था। वहीं 12 मई को बिहार सरकार के पूर्व मंत्री व वीआईपी सुप्रीमो मुकेश सहनी ने मिथिला महाकुम्भ जगमोहरा में सिरकत कर संयोजक पिंटू परदेशी एवं महाकुम्भ आयोजन में सम्मिलित लोगों का अभिवादन करते हुए हौसला अफजाई किया।