डॉ राजेन्द्र प्रसाद केंद्रीय कृषि विश्वविद्यालय पूसा में किसान मेले की तैयारी पूरी
– कृषि मंत्री बिहार सरकार करेंगे मेले का उद्घाटन
–13 से 15 मार्च तक आयोजित है किसान मेला 2026
– 200 स्टालों से सजे मेले में 30 हजार से किसान व हितधारक होंगे शामिल

ओईनी न्यूज नेटवर्क।
Oini 24 समस्तीपुर। जिले के पूसा प्रखंड स्थित डॉ. राजेंद्र प्रसाद केंद्रीय कृषि विश्वविद्यालय, में “विकसित कृषि-उन्नत भारत” थीम पर आधारित 13-15 मार्च 2026 तक आयोजित तीन दिवसीय किसान मेले की सारी तैयारियां पूरी हो चुकी हैं। 13 मार्च को कृषि मंत्री बिहार सरकार इस मेले का विधिवत उद्घाटन करेंगे।
कुलपति ने कहा :
“इस मेले का उद्देश्य किसानों को आधुनिक कृषि तकनीकों और नवाचारों से रूबरू कराना है।” किसान मेला के आयोजन सम्बन्धी विस्तृत जानकारी देने के लिए कुलपति डॉ. पुण्यव्रत सुविमलेंदु पाण्डेय ने बुधवार को आयोजित प्रेस वार्ता के दौरान पत्रकारों को संबोधित करते हुए उक्त बातें कही। उन्होंने कहा कि, “इस मेले में 200 से अधिक सरकारी एवं गैर-सरकारी स्टॉल लगाए जाएंगे, जिनमें ड्रोन तकनीक, हाइड्रोपोनिक्स, ड्रिप सिंचाई, और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस आधारित खेती जैसी आधुनिक कृषि तकनीकों का प्रदर्शन किया जाएगा। इसके अलावा, मेले में तकनीकी सत्र, किसान-वैज्ञानिक संवाद, और कृषि, बागवानी, पशुपालन, और मत्स्य पालन पर प्रदर्शनी जैसे कई अन्य कार्यक्रम भी आयोजित किए जाएंगे।”
भारत को विकसित राष्ट्र बनाने की दिशा में सतत प्रयत्नशील :
कुलपति डॉ. पांडेय ने कहा कि, “इस वर्ष के मेले का थीम ‘विकसित कृषि-उन्नत भारत’ विश्वविद्यालय के सोच को दर्शाता है कि, हम एक समृद्ध और स्थायी कृषि क्षेत्र की ओर बढ़ रहे हैं। विश्वविद्यालय किसानों, वैज्ञानिकों, और नीति निर्माताओं के साथ मिलकर अपने प्रधानमंत्री के संकल्प के अनुसार भारत को विकसित राष्ट्र बनाने की दिशा में सतत प्रयत्नशील है।”
खेती अधिक उत्पादक और लाभकारी हो :
इसी क्रम में निदेशक प्रसार शिक्षा डॉ. रत्नेश कुमार झा ने कहा कि, “विश्वविद्यालय किसान मेला के दौरान किसानों को मखाना, श्री अन्न, और अन्य फसलों पर जानकारी प्रदान करेगा, साथ ही उनकी समस्याओं का समाधान भी करेगा। डॉ. झा ने कहा कि विश्वविद्यालय का उद्देश्य किसानों की आय बढ़ा कर कृषि को अधिक लाभकारी व्यवसाय बनाना है।” उन्होंने कहा, “विश्वविद्यालय किसानों को ड्रोन, हाइड्रोपोनिक्स, और प्रेसिजन फार्मिंग जैसी आधुनिक तकनीकों से सशक्त बनाना चाहते हैं, ताकि उनकी खेती अधिक उत्पादक और लाभकारी हो सके।”
बिहार सरकार के मंत्री, व कई विश्वविद्यालयों के कुलपति होंगे शामिल :
इस मेले में बिहार, झारखंड, ओडिशा, पश्चिम बंगाल, और अन्य राज्यों से 30,000 से अधिक किसान, उद्यमी, और हितधारकों के भाग लेने की संभावना है। तीन दिवसीय मेले के बारे में जानकारी देते हुए बताया कि, पहले दिन मेले का उद्घाटन बिहार सरकार के कृषि मंत्री रामकृपाल यादव करेंगे। वहीं, दूसरे दिन के मुख्य अतिथि केंद्रीय कृषि और किसान कल्याण राज्य मंत्री रामनाथ ठाकुर होंगे, और आखिरी यानी तीसरे दिन समापन समारोह में जलशक्ति राज्य मंत्री राज भूषण चौधरी मुख्य अतिथि होंगे। इनके अलावा कल्याणपुर विधायक महेश्वर हजारी, सहित बिहार एवं देश के कई विश्वविद्यालयों के कुलपति एवं अन्य वरिष्ठ अधिकारी गणमान्य अतिथि के रूप में उपस्थित रहेंगे
मेले के मुख्य आकर्षण :–
– 200 से अधिक तकनीकी और कृषि स्टॉल
– ड्रोन तकनीक, हाइड्रोपोनिक्स, और एआई-आधारित खेती का प्रदर्शन
– किसान-वैज्ञानिक संवाद और तकनीकी सत्र
– पशु और बागवानी प्रदर्शन
– आधुनिक कृषि उपकरणों का लाइव प्रदर्शन
विश्वविद्यालय की पहल :
– किसानों को आधुनिक कृषि तकनीकों पर प्रशिक्षण
– उन्नत बीज और पौध सामग्री का वितरण
– ‘कृषि ज्ञान वाहन’ के माध्यम से कृषि ज्ञान का प्रसार
– ‘फार्मर साथी’ पोर्टल पर लाखों किसानों का पंजीकरण।
कुलपति ने कहा कि, “किसान मेला पूर्वी भारत के किसानों, उद्यमियों, और हितधारकों को लाभ पहुंचाएगा और आधुनिक कृषि तकनीक और नवाचारों को बढ़ावा देगा।