
ओईनी न्युज नेटवर्क।
Oini 24 डेस्क समस्तीपुर। सामाजिक समरसता और साम्यवाद का अद्भुत उदाहरण है प्रकृति पूजन और पर्यावरण संरक्षण को समर्पित जलाशय संरक्षण और सूर्योपासना का अनोखा पर्व छठ पूजा। स्वच्छता, शुद्धता और पवित्रता के प्रति कठोर सतर्कता के बीच मनाया जाने वाला एक ऐसा पर्व जिसमें अमीर-गरीब, ऊंच–नीच सहित तमाम सामाजिक भेद भाव शिथिल हो जाते हैं।
जिले के सुप्रसिद्ध समाज सेवी एवं वीणा फिजियोथेरेपी सेंटर के मुख्य चिकित्सक डॉ नीरज कुमार मिश्रा ने उक्त बातें शनिवार को खरना के अवसर पर जरूरतमंद व्रतियों के बीच छठ पूजा सामग्री वितरण के दौरान कही।
उन्होंने कहा कि पर्व त्योहार का वास्तविक आनंद तभी है जब हर वर्ग के हर व्यक्ति के चेहरों पर पर्व त्योहार का उल्लास और उमंग दिखाई दे। पर्व के उत्सवी माहौल में हमारे आसपास कोई उदास और मायूस हो तो हमारी खुशी का कोई मोल नहीं, हमारे उत्सव का कोई महत्व नहीं और हमारी पूजा व्यर्थ है।
बताते चलें कि हर वर्ष की तरह डॉ मिश्रा ने इस वर्ष भी अपने मित्रों के सहयोग से करीब 100 छठ व्रतियों के बीच छठ पूजा सामग्री वितरण किया। जिसमे उन्होंने व्रतियों के पांव धो कर आशीर्वाद लिया और श्रद्धापूर्वक उन्हें सूप, फल आदि पूजा सामग्री प्रदान किया।
इस अवसर पर युवा समाज सेवी मिथिलेश कुमार ने कहा कि बिना पंडित पुरोहित के संपन्न होने वाली यह एक ऐसी अनोखी पूजा है जिसमें डूबते सूर्य की भी पूजा अर्चना की जाती है और जिसमें अमीर हो या गरीब हर आदमी एक दूसरे की मदद करना चाहता है। मौके पर कई युवा समाजसेवी, ग्रामीण और व्रती मौजूद थे।
विदित हो कि गरीबों को मुफ्त चिकित्सा सेवा के साथ साथ अपने दैनिक बचत और कुछ अजीज मित्रों के सहयोग से जरूरतमन्दों की सहायता करते रहते हैं।
हर वर्ष चाहे ठिठुराती सर्दी में कंबल वितरण हो, या पर्व के मौके पर सामग्री वितरण, आपदा के समय भंडारा हो या राहत वितरण या फिर बच्चों के बीच पाठ्य सामग्री वितरण या किसी गरीब के बेटी की शादी, डॉ मिश्रा हर कार्य केलिए सदैव तैयार रहते हैं।