
ओईनी न्यूज नेटवर्क।
Oini 24 समस्तीपुर। “समय समय पर खेतों के मिट्टी की जांच कराते रहना चाहिए। इससे यह पता चलता है कि, खेत में किस प्रकार की खाद एवं उर्वरक की कितनी मात्रा आवश्यक है। इससे मिट्टी की उर्वरता और उत्पादन क्षमता का सही आकलन हो पाता है। जिससे खेती की लागत कम होने के साथ उपज में भी वृद्धि होती है।”
सबसे बड़ी चुनौती :
समस्तीपुर प्रखंड परिसर में बुधवार को आयोजित शारदीय खरीफ महाअभियान सह किसान कर्मशाला को संबोधित करते हुए एमएलसी डॉ. तरुण कुमार ने किसानों से मिट्टी जांच कराने की अपील करते हुए उक्त बातें कही। इस दौरान उन्होंने कहा कि, “वर्तमान समय में मिट्टी की गुणवत्ता और उर्वरता को बचाते हुए अधिक उत्पादन प्राप्त करना सबसे बड़ी चुनौती है।”
प्रोत्साहन और सहयोग :
“इसलिए किसानों को जैविक एवं वैज्ञानिक खेती को प्राथमिकता देनी चाहिए। जैविक खेती केलिए तो सरकार द्वारा विभिन्न योजनाओं के माध्यम से किसानों को प्रोत्साहन और सहयोग भी प्रदान किया जा रहा है।”
उद्घाटन :
बताते चलें कि, समस्तीपुर प्रखंड परिसर में बुधवार को मुख्य अतिथि विधान पार्षद डॉ. तरुण कुमार, उप प्रमुख राजेश कुमार सिंह तथा कृषि विभाग के अधिकारियों ने दीप प्रज्वलित कर शारदीय खरीफ महाअभियान सह किसान कर्मशाला का उद्घाटन किया।
आधुनिक खेती को अपनाने का आह्वान :
कर्मशाला के दौरान किसानों को खरीफ फसलों की उन्नत खेती, मिट्टी परीक्षण, जैविक कृषि तथा सरकारी योजनाओं की जानकारी भी दी गई। अधिकारियों ने किसानों से कृषि विभाग की योजनाओं का लाभ उठाकर आधुनिक खेती को अपनाने का आह्वान किया।
नई तकनीक आधारित खेती :
कृषि वैज्ञानिक धीरू कुमार तिवारी ने किसानों को आधुनिक एवं वैज्ञानिक तकनीकों के माध्यम से खेती करने की जानकारी दी। इस दौरान उन्होंने कहा कि, “नई कृषि तकनीकों को अपनाकर किसान उत्पादन बढ़ाने के साथ-साथ खेती को अधिक लाभकारी बना सकते हैं।”
उपस्थिति :
कार्यक्रम में अनुमंडल कृषि पदाधिकारी प्रमोद सहनी, डीपीडी सुमित कुमार, प्रखंड कृषि पदाधिकारी (आत्मा) राहुल कुमार, कृषि वैज्ञानिक धीरू कुमार तिवारी, किसान सलाहकार समिति के प्रखण्ड अध्यक्ष दिनेश सिंह सहित बड़ी संख्या में किसान एवं कृषि विभाग के अधिकारी उपस्थित रहे।