
ओईनी न्यूज नेटवर्क।
Oini 24 समस्तीपुर। जवाहर ज्योति बाल विकास केंद्र, समस्तीपुर ने बुधवार को सरायरंजन प्रखंड के अख्तियारपुर स्थित उत्क्रमित उच्च माध्यमिक विद्यालय के सभागार में आने वाले अक्षय तृतीया के अवसर पर बाल विवाह रोकथाम हेतु एक व्यापक जन जागरूकता कार्यक्रम का आयोजन किया गया। जिसमें छात्र-छात्राओं ने बाल विवाह मुक्त समाज बनाने का संकल्प लिया।
उद्देश्य :
महिला एवं बाल विकास निगम, समस्तीपुर तथा जिला प्रशासन, समस्तीपुर के सहयोग से आयोजित इस कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य समाज में बाल विवाह जैसी कुरीति के खिलाफ जागरूकता फैलाना एवं बच्चों को उनके अधिकारों के प्रति सचेत करना था।
दी गई सरकारी योजनाओं की जानकारी :
जवाहर ज्योति बाल विकास केंद्र के इस पहल में विद्यालय के छात्र-छात्राओं की व्यापक व सक्रिय भागीदारी रही। कार्यक्रम के दौरान महिला एवं बाल विकास निगम, के जिला मिशन समन्वयक गौरव कुमार एवं जेंडर स्पेशलिस्ट राजेश कुमार ने छात्र-छात्राओं के बीच “सखी वार्ता” का आयोजन किया। जिसमें बालिकाओं को उनके अधिकार, सुरक्षा एवं सरकारी योजनाओं की जानकारी दी गई।
शिक्षकों ने किया जागरूक ;
इस अवसर पर प्रधानाध्यापिका डॉ. सीमा कुमारी, शिक्षक कुंदन कुमार, राजकुमार पासवान, एवं अर्चना कुमारी ने भी बच्चों को शिक्षा के महत्व और बाल विवाह के दुष्परिणामों के प्रति जागरूक किया।
बाल संरक्षण :
जवाहर ज्योति बाल विकास केंद्र की जिला कार्यक्रम प्रबंधक डॉ. दीप्ति कुमारी, जिला कार्यक्रम समन्वयक काजल राज, सामाजिक कार्यकर्ता किरण कुमारी, विभा कुमारी, ललिता कुमारी, स्टेम लैब शिक्षक हर्ष मोहन कुमार, मयंक कुमार सिन्हा एवं कोषाध्यक्ष वीणा कुमारी आदि ने बच्चों को बाल अधिकार, बाल विवाह, बाल श्रम तथा बाल दुर्व्यापार के बारे में विस्तार से जानकारी दी।
सकारात्मक बदलाव लाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम :
इस दौरान वक्ताओं ने कहा कि, “अक्षय तृतीया के अवसर पर अक्सर बाल विवाह के मामले बढ़ जाते हैं, इसलिए इस दिन जागरूकता अभियान चलाना अत्यंत आवश्यक है।” जवाहर ज्योति बाल विकास केंद्र द्वारा इस दिशा में किया गया यह प्रयास समाज में सकारात्मक बदलाव लाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है।
पोषण के प्रति जागरूकता :
मौके पर जवाहर ज्योति बाल विकास केंद्र, द्वारा डाबर इंडिया लिमिटेड द्वारा प्राप्त पोषण एवं स्वास्थ्य संबंधी सामग्री का वितरण छात्र-छात्राओं के बीच किया गया, जिससे बच्चों में स्वास्थ्य, स्वच्छता एवं पोषण के प्रति जागरूकता बढ़ाई जा सके।