
ओईनी न्यूज नेटवर्क।
Oini 24 समस्तीपुर। आखिरकार मौसम को आम लोगों की परेशानी और किसानों के चिंता में सूख रहे ओंठो पर तरस आ ही गया। भीषण उमस और गर्मी से त्रस्त लोगों ने गुरुवार देर शाम शुरू रिमझिम फुहार ने राहत की सांस ली तो शुक्रवार को जारी मौसम पूर्वानुमान ने खरीफ फसल की चिंता में किसानों के मायूस चेहरों पर रौनक बिखेड़ दिए। जिसमें आगामी 5 दिनों में मानसून की सक्रियता से उत्तर बिहार के अधिकांश जिलों में मध्यम से भारी वर्षा और कुछ जिलों में भारी बारिश के दौरान वज्रपात की संभावना जताई गई है।
मध्यम से भारी वर्षा के आसार :
डॉ. राजेंद्र प्रसाद केंद्रीय कृषि विश्वविद्यालय, पूसा के ग्रामीण कृषि मौसम सेवा केंद्र एवं भारत मौसम विज्ञान विभाग के सहयोग से जलवायु परिवर्तन पर उच्च अध्ययन केंद्र द्वारा आगामी 15 जुलाई 2026 तक के लिए जारी मौसम पूर्वानुमान के अनुसार, “पूर्वानुमानित अवधि में उत्तर बिहार के अधिकांश जिलों में मानसून पूरी तरह सक्रिय रहेगा। इस दौरान मध्यम से तेज बारिश होने की संभावना है, जबकि कुछ जिलों में भारी वर्षा के साथ वज्रपात और तेज हवा चलने का भी अनुमान जताया गया है।”
कहां होगी अच्छी बारिश और वज्रपात :
मौसम वैज्ञानिकों के अनुसार 11 से 13 जुलाई के बीच उत्तर बिहार के अधिकांश हिस्सों में अच्छी वर्षा होगी। विशेष रूप से समस्तीपुर, दरभंगा, मुजफ्फरपुर, सीतामढ़ी, शिवहर, मधुबनी, पूर्वी एवं पश्चिमी चंपारण तथा सीवान जिले के कुछ स्थानों पर 11 और 12 जुलाई के आसपास भारी बारिश हो सकती है। वर्षा के दौरान कहीं-कहीं वज्रपात और तेज हवा चलने की भी संभावना है।
तापमान :
पूर्वानुमान के अनुसार बारिश की गतिविधियों के कारण इस सप्ताह अधिकतम तापमान में पिछले सप्ताह की तुलना में कमी दर्ज की जाएगी। अधिकांश जिलों में अधिकतम तापमान 29 से 32 डिग्री सेल्सियस के बीच रहने का अनुमान है, जबकि बेगूसराय, वैशाली और सीवान में यह 34 से 36 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच सकता है। वहीं न्यूनतम तापमान 24 से 28 डिग्री सेल्सियस के बीच रहने की संभावना है।
आर्द्रता और हवा :
मौसम विभाग के अनुसार इस अवधि में अधिकांश दिनों तक आसमान में हल्के से घने बादल छाए रहेंगे। सुबह के समय सापेक्षिक आर्द्रता 90 से 95 प्रतिशत तथा दोपहर में 50 से 55 प्रतिशत रहने का अनुमान है। पूर्वानुमानित अवधि में मुख्य रूप से दक्षिण-पश्चिम दिशा से 15 से 20 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से चल सकती हैं। जिससे उमस से राहत मिलने के आसार हैं।
धान की खेती में रखें ध्यान :
कृषि विशेषज्ञों ने किसानों को सलाह दी है कि, भारी वर्षा की संभावना को देखते हुए खेतों में जल निकासी की समुचित व्यवस्था रखें। धान की रोपनी का कार्य वर्षा की स्थिति को ध्यान में रखते हुए करें तथा खेतों में अनावश्यक जल जमाव न होने दें। जिन किसानों ने उर्वरकों का प्रयोग करना है, वे बारिश रुकने के बाद ही करें ताकि पोषक तत्वों का बहाव न हो।
खराब मौसम में सुरक्षित रहने की अपील :
मौसम विभाग ने आम लोगों से भी अपील की है कि, जीवन अनमोल है, खराब मौसम के दौरान खेतों में कार्य करने से बचें। बारिश और वज्रपात के समय सुरक्षित स्थानों पर रहें, साथ ही मौसम संबंधी ताजा जानकारी पर नजर बनाए रखें तथा प्रशासन द्वारा जारी दिशा-निर्देशों का पालन करें।