
ओईनी न्यूज नेटवर्क
समस्तीपुर । मनुष्य का जीवन एक जीवन्त पाठशाला है। जिसमें वह प्रतिदिन परीक्षा देता है और प्रति दिन कुछ सीखता है। कुछ समय से सीखता है कुछ दूसरों से। एस.के. मंडल ग्रुप ऑफ इंस्टीट्यूशंस के 10वें स्थापना दिवस समारोह के अवसर पर समस्तीपुर पधारे मुख्य अतिथि महामहिम राज्यपाल आरिफ मोहम्मद खान ने छात्र-छात्राओं के साथ मन की बात साझा करते हुए उक्त बातें कही।
अपने संबोधन में उन्होंने कहा कि ज्ञान प्राप्ति के लिए ध्यान आवश्यक है और ध्यान के लिए एकाग्रता, जो शांत वातावरण में ही संभव है। इसी कारण प्राचीन काल में शिक्षण संस्थान दूर-दराज एवं एकांत स्थानों पर स्थापित किए जाते थे।
अपने संबोधन में उन्होंने विद्या ददाति विनयम् श्लोक को उद्धृत करते हुए शिक्षा के महत्व को समझाया। कहा कि शिक्षा एवं ज्ञान का उद्देश्य केवल व्यक्तिगत लाभ न होकर संपूर्ण समाज एवं राष्ट्र के कल्याण के लिए होना चाहिए। उन्होंने कहा कि शिक्षा और ज्ञान तभी सार्थक होती है जब उसमें करुणा और दया का भाव समाहित हो।

उन्होंने श्रद्धावान लभते ज्ञानं का उल्लेख करते हुए कहा कि श्रद्धावान ही ज्ञान प्राप्त करते हैं। सीखने केलिए श्रद्धा और सीखने की ललक बेहद आवश्यक है। उन्होने कहा कि वे आजन्म विद्यार्थी बने रहना चाहते हैं, ताकि हर पल कुछ सीखने का अवसर मिलता रहे। महामहिम ने आगाह करते हुए कहा कि याद रखिए जब तक आप में सीखने की प्रवृति जागृत है तब तक अबाध गति से आप की तरक्की होती रहेगी।



