
ओईनी न्यूज नेटवर्क।
Oini 24 समस्तीपुर। शराब बंदी लागू हुए 10 साल हो गए। मगर यह बंदी कितनी सफल हुई यह किसी से छुपा नहीं है, न पुलिस से, न विभाग से और न ही सरकार से। पहले निश्चित स्थानों पर मिलने वाली शराब हर गली हर नुक्क्ड़ पे मिलने लगी है।
इस शराब पर एक शेर पूरी तरह सटीक बैठता है
“ये शराब भी न मानो खुदा हो गया, दिखता नहीं मगर मौजूं है चार सूं।”
सरकारी आंकड़ों और दावों प्रतिदावों से इतर हालात ये हैं कि, शराब बंद तो हुआ नहीं मगर सूखे नशे ने अपने पांव फैला लिए। आज आलम यह है कि, किशोर और युवा ही नहीं 8–10 साल के बच्चे भी इस खतरनाक नशे की चपेट में आ रहे हैं। राष्ट्रीय लोक जनशक्ति पार्टी के मीडिया प्रभारी सह नगर अध्यक्ष उमाशंकर मिश्रा ने उक्त बातें संवाददाता से बातचीत के दौरान कही।
उन्होंने पुलिस एवं मद्य निषेध विभाग पर अनिच्छा का आरोप लगाते हुए कहा कि कई बार शिकायत किए जाने के बाद एकाध बार पुलिस प्रशासन ने छापेमारी की, जिससे कुछ समय के लिए कारोबार पर रोक लगी, लेकिन बाद में फिर से यह धंधा शुरू हो गया।
श्री मिश्रा ने बताया कि, जिले में सूखे नशे के बढ़ते कारोबार को लेकर लोगों में चिंता बढ़ती जा रही है। शहर ही नहीं गांव के भी कई इलाकों में खुलेआम नशीले पदार्थों की बिक्री हो रही है। लोगों का कहना है कि यदि समय रहते इस पर प्रभावी कार्रवाई नहीं की गई तो आने वाले दिनों में इसके गंभीर सामाजिक दुष्परिणाम सामने आ सकते हैं।
स्थानीय लोगों के मुताबिक, केवल शहर की बात करें तो शहर के मुस्की मोहल्ला में सूखे नशे का कारोबार तेजी से फैल रहा है। इसके अलावा टुनटुनियां गुमटी काली मंदिर से लेकर राम बाबू चौक तक भी विभिन्न प्रकार के नशीले पदार्थों की बिक्री होने की शिकायतें मिल रही हैं।
रालोजपा नेता श्री मिश्रा ने जिला प्रशासन एवं पुलिस विभाग से मांग की कि नशा कारोबारियों के खिलाफ लगातार अभियान चलाया जाए और ऐसे लोगों की पहचान कर उन पर कठोर कानूनी कार्रवाई की जाए। उन्होंने कहा कि यह सूखे नशे की लत समाज और देश की अगली पीढ़ी को बर्बाद कर रहा है। इसलिए इस समस्या को गंभीरता से लेने की आवश्यकता है।
स्थानीय नागरिकों ने भी प्रशासन से शहर को नशामुक्त बनाने की दिशा में प्रभावी कदम उठाने की अपील की है। लोगों का कहना है कि स्कूलों, सामाजिक संगठनों एवं अभिभावकों के सहयोग से व्यापक जनजागरूकता अभियान चलाया जाए ताकि बच्चे नशे की गिरफ्त में जाने से बच सकें।