
ओईनी न्यूज नेटवर्क।
Oini 24 पूसा। डॉ. राजेन्द्र प्रसाद केंद्रीय कृषि विश्वविद्यालय, पूसा से सम्बद्ध कृषि विज्ञान केंद्र, बिरौली के तत्वावधान में हेईफर इंटरनेशनल के सौजन्य से हरा चारा उत्पादन एवं पशु पोषण में उसके उपयोग विषय पर एक दिवसीय कार्यशाला का आयोजन किया गया। जिसमें जिले की 30 महिला किसानों ने उत्साहपूर्वक हिस्सा लिया।
चारा उत्पादन में वैज्ञानिक तकनीक अपनाने का आह्वान :
मुख्य अतिथि विश्वविद्यालय के निदेशक प्रसार शिक्षा डॉ. आर.के. झा, ने कार्यशाला का उद्घाटन करते हुए किसानों की आय वृद्धि एवं पशुधन विकास के लिए गुणवत्तायुक्त हरे चारे के महत्व पर प्रकाश डाला। इस क्रम में उन्होंने चारा उत्पादन में वैज्ञानिक तकनीकों को अपनाने का आह्वान किया।
पशुओं के पोषण की आवश्यकता एवं हरे चारे की भूमिका :
कार्यक्रम के प्रारंभ में डॉ. आर.के. तिवारी, वरिष्ठ वैज्ञानिक एवं अध्यक्ष, कृषि विज्ञान केंद्र, बिरौली ने अतिथियों एवं प्रतिभागियों का स्वागत करते हुए कार्यशाला की रूपरेखा प्रस्तुत की। इस दौरान उन्होंने पशुपालन में संतुलित पोषण की आवश्यकता एवं हरे चारे की भूमिका पर विस्तृत जानकारी दी।
उन्नत किस्मों एवं उत्पादन तकनीक की जानकारी :
तकनीकी सत्र के दौरान डॉ. तिवारी ने पशुओं के पोषण एवं हरे चारे के चारे के रूप में उपयोग पर व्याख्यान दिया। इसके पश्चात डॉ. कौशल किशोर, सहायक प्राध्यापक ( सस्य विज्ञान), डॉ. राजेन्द्र प्रसाद केंद्रीय कृषि विश्वविद्यालय, पूसा तथा भारती उपाध्याय, विषय वस्तु विशेषज्ञ (फसल उत्पादन), कृषि विज्ञान केंद्र, बिरौली ने हरे चारे की विभिन्न फसलों, उन्नत किस्मों एवं उत्पादन तकनीकों की विस्तृत जानकारी प्रदान की।
समेकित पौधा संरक्षण उपायों की जानकारी :
कार्यक्रम के अगले सत्र में सुमित कुमार सिंह, विषय वस्तु विशेषज्ञ (पौधा संरक्षण), कृषि विज्ञान केंद्र, बिरौली ने चारा फसलों में कीट एवं रोग प्रबंधन विषय पर व्याख्यान देते हुए समेकित पौधा संरक्षण उपायों की जानकारी दीl कार्यक्रम का समापन इं. विनीता कश्यप, विषय वस्तु विशेषज्ञ (कृषि अभियांत्रिकी), कृषि विज्ञान केंद्र, बिरौली द्वारा धन्यवाद ज्ञापन के साथ हुआ।