स्वास्थ्य मंत्री ने 26 नवप्रशिक्षित खाद्य संरक्षा अधिकारियों को सौंपे प्रमाणपत्र

ओईनी न्यूज नेटवर्क।
Oini 24 पटना। बिहार में खाद्य पदार्थों की गुणवत्ता और शुद्धता सुनिश्चित करने के लिए खाद्य संरक्षा व्यवस्था को मजबूत किया जाएगा। इसके तहत राज्य के सभी जिलों में खाद्य संरक्षा अभियान का विस्तार किया जाएगा। साथ ही भागलपुर, मुजफ्फरपुर, मुंगेर और पूर्णिया में नई खाद्य जांच प्रयोगशालाएं स्थापित करने का प्रस्ताव है। शुक्रवार को स्वास्थ्य मंत्री निशांत कुमार ने एक प्रशिक्षण समारोह के समापन के दौरान उक्त बातें कही।
उन्होंने कहा कि लोगों को सुरक्षित, शुद्ध और स्वच्छ खाद्य पदार्थ उपलब्ध कराना सरकार की प्राथमिकता है। पहले मानवबल की कमी के कारण खाद्य संरक्षा से जुड़ी गतिविधियां मुख्य रूप से पटना तक सीमित थीं। अब नए अधिकारियों की तैनाती से पूरे राज्य में नियमित निगरानी की जाएगी। यह अभियान केवल त्योहारों तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि साल भर जारी रहेगा।
अपील :
स्वास्थ्य विभाग के सभाकक्ष में प्रशिक्षण पूरा करने वाले 26 नवप्रशिक्षित खाद्य संरक्षा अधिकारियों को प्रमाणपत्र प्रदा। इन अधिकारियों की विभिन्न जिलों में पदस्थापना की गई है। इससे राज्य के सभी जिलों में खाद्य संरक्षा अधिकारियों की उपलब्धता सुनिश्चित होगी और खाद्य प्रतिष्ठानों के निरीक्षण, नमूना संग्रह तथा नियमों के उल्लंघन पर कार्रवाई में तेजी आएगी।उन्होंने अधिकारियों को ईमानदारी और तत्परता से जिम्मेदारियों का निर्वहन करने का निर्देश दिया। साथ ही नागरिकों से खाद्य पदार्थों में मिलावट व अन्य अनियमितताओं की सूचना विभाग को देने की अपील की।
जानकारी अद्यतन रखने पर जोर :
स्वास्थ्य विभाग के सचिव सह खाद्य संरक्षा निदेशक श्री कुमार रवि ने कहा कि अधिकारियों की जिम्मेदारी केवल निरीक्षण और कार्रवाई तक सीमित नहीं है। उन्हें खाद्य प्रतिष्ठानों को निर्धारित मानकों के प्रति जागरूक करने और कमियां मिलने पर नियमानुसार सुधार का अवसर भी देना चाहिए। उन्होंने खाद्य पदार्थों की गुणवत्ता, उनमें प्रयुक्त रसायनों और उनके संभावित स्वास्थ्य प्रभावों से संबंधित वैज्ञानिक जानकारी अद्यतन रखने पर जोर दिया।
दिया गया खाद्य संरक्षा से जुड़े ऑनलाइन पोर्टलों के उपयोग का प्रशिक्षण :
जानकारी के अनुसार, नवप्रशिक्षित अधिकारियों ने 40 दिवसीय अनिवार्य प्रशिक्षण पूरा किया है। इसमें 14 दिनों का सैद्धांतिक और 26 दिनों का व्यावहारिक प्रशिक्षण शामिल था। प्रशिक्षण के दौरान खाद्य प्रतिष्ठानों में स्वच्छता एवं उत्पादन मानकों की जांच, दुग्ध और मांस प्रसंस्करण इकाइयों का निरीक्षण, खाद्य पदार्थों के नमूने लेने, प्रयोगशाला में जांच के लिए भेजने तथा रिपोर्ट के आधार पर नियमानुसार कार्रवाई करने की जानकारी दी गई। साथ ही खाद्य संरक्षा से जुड़े ऑनलाइन पोर्टलों के उपयोग और निगरानी योजना तैयार करने का भी प्रशिक्षण मिला।
मानकों का उल्लंघन मिलने पर नियमानुसार कार्रवाई :
वहीं, पटना स्थित खाद्य जांच प्रयोगशाला का जीर्णोद्धार कराया जा रहा है। इसके अतिरिक्त चार जिलों में नई प्रयोगशालाएं स्थापित करने की योजना है। विभाग की खाद्य संरक्षा इकाई पहले से ही विभिन्न जिलों में निरीक्षण और छापेमारी कर रही है। मानकों का उल्लंघन मिलने पर संबंधित प्रतिष्ठानों के विरुद्ध नियमानुसार कार्रवाई की जा रही है।
उपस्थिति :
समारोह में स्वास्थ्य विभाग के अपर सचिव धनंजय कुमार, बीएमएसआईसीएल के प्रबंध निदेशक सुब्रत कुमार सेन, राज्य स्वास्थ्य समिति के कार्यपालक निदेशक नवल किशोर चौधरी, राज्य आयुष समिति के कार्यपालक निदेशक वैभव चौधरी, विशेष कार्य पदाधिकारी सुरेंद्र राय सहित विभाग के अन्य वरीय अधिकारी और नवप्रशिक्षित खाद्य संरक्षा अधिकारी उपस्थित थे।