
सरदार पटेल की जयंती और इंदिरा गांधी की पुण्यतिथि पर श्रद्धांजलि सह पुष्पांजलि कार्यक्रम आयोजित
ओईनी न्यूज नेटवर्क।
Oini 24 समस्तीपुर। भारत रत्न द्वय लौह पुरुष नाम से विख्यात सरदार वल्लभभाई पटेल और लौह महिला कही जाने वाली इंदिरा गांधी के योगदान को भुला पाना नामुमकिन है।
शनिवार को समस्तीपुर प्रखंड के विशनपुर चौक स्थित इंदिरा गांधी स्मारक स्थल पर पूर्व प्रधानमंत्री स्वर्गीय इंदिरा गांधी की पुण्यतिथि तथा पूर्व गृह मंत्री लौह पुरुष सरदार वल्लभभाई पटेल की जयंती के अवसर पर आयोजित श्रद्धांजलि सह पुष्पांजलि कार्यक्रम के दौरान मुख्य अतिथि कांग्रेस जिलाध्यक्ष सह समस्तीपुर नगर निगम की मेयर अनीता राम ने उक्त बातें कही।
सरदार पटेल के योगदान और श्रीमती गांधी के बलिदान को भुला पाना नामुमकिन :
उन्होंने कहा कि, छोटी छोटी रियासतों में बिखरे सम्पूर्ण भारत को एकजुट करने और संप्रभु राष्ट्र बनाने में सरदार पटेल की भूमिका और श्रीमती गांधी के बलिदान को भूलना सर्वथा नामुमकिन है। श्रीमती गांधी भारत की प्रथम महिला प्रधानमंत्री ही नहीं, बल्कि एक सशक्त और दृढ़ निश्चयी अंतरराष्ट्रीय नेत्री थीं। जिन्होंने अमेरिका की आंखों में आँखें डाल कर 1971 के युद्ध में पाकिस्तान के दो टुकड़े कर बांग्लादेश का निर्माण कराया। बैंकों का राष्ट्रीयकरण, प्रिवी पर्स की समाप्ति और हरित क्रांति जैसे ऐतिहासिक फैसले लिए। उन्होंने देश की आर्थिक स्वायत्तता, एकता, अखंडता और संप्रभुता के लिए अपने प्राणों की आहुति दे दी।
अध्यक्षता, संचालन और धन्यवाद ज्ञापन :
बताते चलें कि, इंदिरा स्मारक कमिटी, विशनपुर के तत्वावधान में आयोजित कार्यक्रम की अध्यक्षता इंदिरा स्मारक कमिटी के अध्यक्ष सह वरीय कांग्रेस नेता ठाकुर मनोज भारद्वाज, संचालन कांग्रेस जिला उपाध्यक्ष रंजन शर्मा तथा धन्यवाद ज्ञापन जिला राजद प्रवक्ता राकेश कुमार ठाकुर ने किया।
इसलिए मनाते हैं राष्ट्रीय एकता दिवस :
अपने सम्बोधन के क्रम में कांग्रेस जिला उपाध्यक्ष रंजन शर्मा तथा इंदिरा स्मारक कमिटी के अध्यक्ष ठाकुर मनोज भारद्वाज ने कहा कि सरदार वल्लभभाई पटेल ने स्वतंत्रता के बाद देश की 562 छोटी-बड़ी रियासतों को एकीकृत कर अखंड भारत के निर्माण में ऐतिहासिक भूमिका निभाई। इसीलिए उन्हें लौह पुरुष और भारत के बिस्मार्क के रूप में याद किया जाता है। देश की एकता और अखंडता के सूत्रधार भारत रत्न सरदार पटेल की जयंती को राष्ट्रीय एकता दिवस के रूप में मनाया जाता है।
उपस्थिति :
कार्यक्रम के अंत में दोनों महान नेताओं की प्रतिमा पर माल्यार्पण कर श्रद्धा-सुमन अर्पित किया गया। इस अवसर पर कांग्रेस नेत्री देविता देवी गुप्ता, परमानंद मिश्र, आदि सहित दर्जनों कार्यकर्ता मौजूद थे।