
ओईनी न्यूज नेटवर्क।
Oini 24 समस्तीपुर। आम्रपाली प्रशिक्षण केंद्र का उद्देश्य केवल प्रशिक्षण देना नहीं, बल्कि ऐसी सांस्कृतिक पीढ़ी तैयार करना है जो समस्तीपुर और मिथिला की पारंपरिक कला और सांस्कृतिक परंपरा को राज्य और राष्ट्रीय स्तर पर नई पहचान दिला सके।
कलाकारों की नई पौध को सींचेगा केंद्र :
शनिवार को शहर के आम्रपाली प्रशिक्षण केंद्र के बारे में संवाददाता को जानकारी देते हुए कला संस्कृति पदाधिकारी ने उक्त बातें कही। इस दौरान उन्होंने बताया कि, स्थापित कलाकारों के संरक्षण में कलाकारों की नई पौध को आम्रपाली प्रशिक्षण केंद्र सींचेगा।
समय-सारिणी जारी :
इसको लेकर प्रशिक्षण की समय-सारिणी जारी कर दी गई है। साथ ही साप्ताहिक मूल्यांकन और अतिरिक्त अभ्यास कक्षाओं की व्यवस्था लागू कर दी गई है। विद्यार्थियों से नियमित रूप से कक्षाओं में उपस्थित रहने की अपील करते हुए उन्होंने कहा कि नियमित अभ्यास, अनुशासन और गुणवत्तापूर्ण प्रशिक्षण ही किसी कलाकार की सबसे बड़ी पूंजी है।
कला, संस्कृति एवं युवा विभाग के अधीन संचालित :
बताते चलें कि, जिले की सांस्कृतिक प्रतिभाओं को नई ऊंचाई देने की दिशा में आम्रपाली प्रशिक्षण केंद्र एक मजबूत पहल के रूप में उभर रहा है। कला, संस्कृति एवं युवा विभाग के अधीन संचालित इस केंद्र में अब प्रशिक्षण व्यवस्था को अधिक व्यवस्थित और गुणवत्तापूर्ण बनाया गया है।
6 कक्षाएं संचालित :
श्रीमती जूही ने बताया कि, यह केंद्र स्थानीय कला-संस्कृति के संरक्षण, पोषण और संवर्धन के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है। केंद्र में गायन (सीनियर एवं जूनियर), वादन (सीनियर एवं जूनियर) तथा कथक (सीनियर एवं जूनियर) की कुल छह कक्षाएं संचालित हो रही हैं।
प्रति सप्ताह 12 घंटे प्रशिक्षण :
प्रत्येक समूह को सप्ताह में चार दिन नियमित कक्षाएं, एक दिन मूल्यांकन और एक दिन अतिरिक्त अभ्यास का अवसर मिलेगा। हर कक्षा दो घंटे की होगी, जिससे प्रत्येक प्रशिक्षु को सप्ताह में कुल 12 घंटे का प्रशिक्षण प्राप्त होगा। सीनियर वर्ग की कक्षाएं दोपहर 2 बजे से 4 बजे तक तथा जूनियर वर्ग की कक्षाएं शाम 4 बजे से 6 बजे तक संचालित होंगी। प्रशिक्षण में थ्योरी और प्रैक्टिकल दोनों पर समान रूप से जोर दिया जाएगा।
4 प्रशिक्षक और 60 प्रशिक्षुओं की सूची :
केंद्र में शास्त्रीय संगीत गायन, कथक, तबला वादन और हारमोनियम वादन के कुल 60 प्रशिक्षुओं की सूची जारी की गई है। जिन्हें शास्त्रीय संगीत एवं हारमोनियम का प्रशिक्षण संगीत शिक्षक किशन कुमार मलिक, कथक का प्रशिक्षण नृत्य शिक्षक लक्ष्मण कुमार, भारतनाट्यम का प्रशिक्षण सुनिधि रॉय तथा तबला वादन का प्रशिक्षण अभिषेक भारती द्वारा दिया जाएगा।