
ओईनी न्यूज नेटवर्क।
Oini 24 पूसा। भाग दौड़ वाले वर्तमान समय में शारीरिक स्वास्थ्य के साथ-साथ मानसिक एवं भावनात्मक संतुलन बनाए रखना सबसे बड़ी चुनौती है। इस चुनौती से निपटने केलिए योग एवं ध्यान को दैनिक जीवन का अभिन्न हिस्सा बनाना अत्यंत आवश्यक है।
संतुलित एवं सकारात्मक जीवनशैली का आधार :
डॉ. राजेन्द्र प्रसाद केंद्रीय कृषि विश्वविद्यालय पूसा के कृषि अभियांत्रिकी एवं प्रौद्योगिकी महाविद्यालय में राष्ट्रीय सेवा योजना के तत्वावधान में आयोजित ‘योग एवं ध्यान द्वारा प्रसन्नता सूचकांक संवर्धन’ विषयक विशेष कार्यक्रम की अध्यक्षता करते हुए डॉ. रामसुरेश ने उक्त बातें कही। अपने संबोधन में योग के महत्व पर प्रकाश डालते हुए उन्होंने कहा कि, योग को स्वस्थ, संतुलित एवं सकारात्मक जीवनशैली का आधार है।
योगाभ्यास :
तत्पश्चात योग एवं ध्यान सत्र का संचालन डॉ. राजीव कुमार ने किया। जिसमें प्रतिभागियों ने विभिन्न योगासन, प्राणायाम तथा ध्यान का अभ्यास किया। इस सत्र के माध्यम से प्रतिभागियों को एकाग्रता, ऊर्जा स्तर, मानसिक शांति एवं समग्र स्वास्थ्य में सुधार हेतु नियमित योगाभ्यास के लिए प्रेरित किया गया।
संचालन और उपस्थिति :
कार्यक्रम का संचालन करते हुए योग समन्वयक डॉ. पिंटू चौधरी, ने कार्यक्रम के विभिन्न चरणों का कुशलतापूर्वक संचालन करते हुए योग के वैज्ञानिक एवं व्यावहारिक महत्व पर भी प्रकाश डाला। इस कार्यक्रम में महाविद्यालय के शिक्षकगण, कर्मचारीगण एवं बड़ी संख्या में छात्र-छात्राओं ने उत्साहपूर्वक भाग लिया।
योग एवं ध्यान को बनाएं जीवनचर्या का हिस्सा :
एनएसएस समन्वयक डॉ. दिनेश रजक, के धन्यवाद ज्ञापन के साथ कार्यक्रम का समापन हुआ। इस दौरान उन्होंने उन्होंने कार्यक्रम के सफल आयोजन में सहयोग प्रदान करने वाले सभी शिक्षकगण, कर्मचारियों, विद्यार्थियों एवं प्रतिभागियों के प्रति आभार व्यक्त किया तथा सभी से योग एवं ध्यान को नियमित जीवनचर्या का हिस्सा बनाने का आग्रह किया।