
ओईनी न्यूज नेटवर्क।
Oini 24 समस्तीपुर। “ऋण न उपहार है न ही आमदनी। यह सहायता है जिसे ससमय लौटाना जरूरी है। इसलिए अपनी आवश्यकता एवं भुगतान क्षमता के अनुरूप ही ऋण लें तथा उसे समय पर चुकाना सुनिश्चित करें। ताकि आपका क्रेडिट रिकॉर्ड बेहतर बना रहे।”
समय पर ऋण चुकाना जरूरी :
शहर के एक होटल में आयोजित माइक्रोफाइनेंस जागरूकता कार्यक्रम के दौरान मुख्य अतिथि डीडीएम नाबार्ड अभिनव कृष्ण ने उपस्थित महिलाओं से उक्त बातें कही। इस दौरान उन्होंने कहा कि, “एक अच्छा क्रेडिट इतिहास भविष्य में वित्तीय सेवाओं तक आसान पहुंच सुनिश्चित करता है। समय पर ऋण चुकाना एक अच्छे क्रेडिट इतिहास के निर्माण में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है।“
माइक्रोफाइनेंस जागरूकता कार्यक्रम :
भारतीय रिज़र्व बैंक द्वारा मान्यता प्राप्त एनबीएफसी-एमएफआई के राष्ट्रीय स्व-नियामक संगठन माइक्रोफाइनेंस इंडस्ट्री नेटवर्क ने एलएंडटी फाइनेंस लिमिटेड के सहयोग से जिले के एक निजी परिसर में माइक्रोफाइनेंस जागरूकता कार्यक्रम का आयोजन किया गया।
205 से अधिक महिलायें हुई शामिल :
कार्यक्रम का उद्देश्य ग्रामीण समुदाय, विशेष रूप से महिलाओं को वित्तीय साक्षरता प्रदान करना, उन्हें आर्थिक रूप से सशक्त बनाना तथा जिम्मेदार ऋण व्यवहार को बढ़ावा देना था। कार्यक्रम में विभिन्न गांवों से 205 से अधिक महिलाओं ने भाग लिया।
डिजिटल धोखाधड़ी से बचाव :
इस अवसर पर कार्यक्रम के विशिष्ट अतिथि डीडीएम नाबार्ड अभिनव कृष्ण ने बैंकों एवं नाबार्ड द्वारा संचालित विभिन्न योजनाओं की विस्तृत जानकारी दी। साथ ही उन्होंने डिजिटल धोखाधड़ी से बचाव के उपायों पर भी विस्तार से प्रकाश डाला।
माइक्रो फाइनेंस संस्थानों के कार्य को सराहा :
इस दौरान कार्यक्रम के मुख्य अतिथि एलडीएम श्री झा ने महिलाओं को केंद्र एवं राज्य सरकार द्वारा संचालित विभिन्न जनकल्याणकारी योजनाओं की जानकारी दी। उन्होंने माइक्रो फाइनेंस इंडस्ट्री नेटवर्क तथा माइक्रो फाइनेंस संस्थानों द्वारा वित्तीय समावेशन के क्षेत्र में किए जा रहे कार्यों की जम कर सराहना की।
रहें सतर्क बनें जागरूक :
इस अवसर पर पुलिस उपाधीक्षक कृष्णा कुमार दीवाकर ने डिजिटल एवं अन्य तरह के धोखाधड़ी से बचने के उपाय बताते हुए लोगों को सतर्क एवं जागरूक रहने का संदेश दिया।
टोल-फ्री हेल्पलाइन नंबर पर करें संपर्क :
वहीं, माइक्रोफाइनेंस इंडस्ट्री नेटवर्कके रीजनल हेड संजय कुमार ने बताया कि जिले में वर्तमान में 35 माइक्रोफाइनेंस संस्थान कार्यरत हैं, जो सभी भारतीय रिज़र्व बैंक द्वारा विनियमित हैं। उन्होंने ग्राहकों को सलाह दी कि, “यदि उन्हें ऋण से संबंधित किसी प्रकार की समस्या या शिकायत हो, तो वे अपने लोन कार्ड पर अंकित ग्राहक शिकायत निवारण नंबर अथवा माइक्रोफाइनेंस इंडस्ट्री नेटवर्क के टोल-फ्री हेल्पलाइन नंबर पर संपर्क कर सकते हैं।”
मौके पर अन्य गणमान्य व्यक्तियों के अलावे सैकड़ों महिलाएं और लाभुक मौजूद थे।