
ओईनी न्यूज नेटवर्क।
Oini 24 ओईनी। शनिवार को सुबह से ही शारदा सावित्री अनिल संगीत महाविद्यालय ओईनी परिसर में हर्ष, उल्लास, उत्साह और उमंग का साम्राज्य था। महाविद्यालय का चप्पा–चप्पा रंग–बिरंगे परिधानों में सजे बच्चों के हर्ष किलोल और कहकहाें से गुंजायमान था। हो भी क्यों न, मौका भी था माहौल भी था और बहाना भी। अवसर था प्रचंड गर्मी और उमस के बीच महाविद्यालय परिसर में महाविद्यालय द्वारा आयोजित पांच दिवसीय कार्यशाला के समापन समारोह का।
जी हां! शारदा सावित्री अनिल संगीत महाविद्यालय ओईनी परिसर में शनिवार को महाविद्यालय द्वारा कला–संस्कृति एवं लोक परंपराओं के संरक्षण, संवर्धन एवं प्रसार को लेकर आयोजित पांच दिवसीय कत्थक, कजरी एवं मिथिला पेंटिंग कार्यशाला प्रमाण पत्र वितरण के साथ शानदार समारोह पूर्वक सम्पन्न हो गया।

कत्थक :
इस कार्यशाला में क्षेत्र के बच्चों, युवाओं एवं कला प्रेमियों ने बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया और विभिन्न विधाओं की बारीकियों को सीखा। कार्यशाला के दौरान इन 5 दिनों में कत्थक गुरु नयन प्रिया ने बच्चियों को प्रतिभागियों को ताल–लय, कत्थक नृत्य की विभिन्न मुद्राओं, एवं भाव-भंगिमाओं की विशेष जानकारी दी।

कजरी :
वहीं मैथिली गीतों के सिद्धहस्त लोक गायक कृष्ण कुमार कन्हैया ने बच्चियों को कजरी गायन की परम्परा से अवगत कराते हुए भावपूर्ण स्वर–लय के साथ गायन का अभ्यास कराया गया।

मिथिला पेंटिंग :
साथ ही मिथिला पेंटिंग विशेषज्ञ अंजना शर्मा ने निब, ब्रश, पेंसिल की सहायता से मिथिला कला की पारंपरिक आकृतियों, सांस्कृतिक प्रतीकों की जानकारी देते हुए प्राकृतिक रंगों से कचनी–भरनी आधारित चित्र उकेरने की सलाहियत दी। इस दौरान किशोर ब्रजेंद्र ने बच्चियों को रंगों की विविधता, उनके प्रभाव एवं आवश्यकतानुसार मूल रंगों से विविध रंग बनाने की कला से अवगत कराया।

प्रदर्शन :
कार्यशाला के समापन सत्र के दौरान प्रतिभागियों ने सीखी गई विधाओं का शानदार प्रदर्शन कर उपस्थित अभिभावकों, व गणमान्य लोगों को चमत्कृत कर दिया। अपनी प्रस्तुतियों से बच्चों ने ऐसा समां बांधा कि, लोग घंटों सम्मोहन की अवस्था में झूमते व तालियां बजाते दिखे। इस दौरान लोगों ने कार्यशाला की जम कर सराहना की।
सम्मान :
इस अवसर पर महाविद्यालय के सचिव अरुण कुमार सिंह, सुभाष चंद्र कुमार, डॉ. संजय कुमार राजा, निरंजन कुमार मुन्ना, आदि ने प्रतिभागियों को प्रशस्ति पत्र देकर सम्मानित किया। इसी क्रम में मीडिया कर्मियों सहित तमाम आगत अतिथियों को गायत्री मंत्र युक्त चादर आदि से सम्मानित किया गया।
अपनी कला एवं संस्कृति से जुड़ सकें युवा :
इस दौरान वक्ताओं ने कहा कि, इस तरह की कार्यशालाएं स्थानीय प्रतिभाओं को मंच देने के साथ-साथ हमारी सांस्कृतिक विरासत को सहेजने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती हैं। वहीं महाविद्यालय के संस्थापक डॉ. सुनील कुमार सिंह ने बताया कि भविष्य में भी इस तरह के प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे, ताकि अधिक से अधिक युवा अपनी कला एवं संस्कृति से जुड़ सकें।
याद किए गए समस्तीपुर के सिरमौर :
इसके पूर्व, उपस्थित गणमान्य लोगों व अतिथियों ने समस्तीपुर संगीत जगत के सिरमौर संगीत के सभी विधाओं के ज्ञाता पंडित राम स्वार्थ ठाकुर मतवाला के चित्र पर माल्यार्पण कर उन्हें सादर नमन किया। तत्पश्चात गुरु वंदना एवं स्वागत गीत के साथ समारोह परवान चढ़ा।
आभार :
कार्यक्रम के अंत में सभी प्रशिक्षकों, प्रतिभागियों एवं सहयोगियों के प्रति आभार व्यक्त करते हुए डॉ. सिंह ने कहा कि, भारतीय कला संस्कृति के प्रति बच्चों के माध्यम से लोगों को जागरूक करने का हमारा प्रयास आप सुधि जनों के सहयोग से सफलतापूर्वक संपन्न हो सका।
सहयोग :
इस दौरान सुविख्यात युवा तबला वादक मनोरंजन झा के साथ सिंथेसाइजर पर सुमित कुमार, बैंजो पर अजय कुमार गुप्ता, ऑक्टापैड पर शंकर चौपाल, ढोलक पर रामचंद्र राम, ने माहौल को आखिरी तक जीवंत बनाए रखा। कार्यक्रम का संचालन शिवम आशीष ने किया। आयोजन की सफलता में संतोष कुमार, गंगोत्री कुमार, ने महती भूमिका निभाई।
उपस्थिति :
मौके पर, श्याम कुमार झा, सिंधु सिन्हा, मीरा कुमारी, दिलीप कुमार, धर्मेंद्र कुमार, पूनम कुमारी, संगीता कुमारी आदि सैकड़ों स्थानीय लोग मौजूद थे। अंत में भाजपा उपाध्यक्ष मधुमाला, कृष्ण कुमार मेघू, ने महाविद्यालय को आम का पेड़ भेंट कर वृक्ष की तरह उत्तरोत्तर विकास की कामना की।