
ओईनी न्यूज नेटवर्क।
Oini 24 दलसिंहसराय। कार्यस्थल पर यौन उत्पीड़न न केवल महिलाओ के मौलिक अधिकारों का उल्लंघन है बल्कि, यह उनके मानसिक एवं शारीरिक स्वास्थ्य को भी प्रभावित करता है। इससे उनके मनोदशा के साथ साथ कार्य क्षमता और कौशल पर नकारात्मक प्रभाव पड़ता है।”
हम सभी की सामूहिक जिम्मेदारी :
रविवार को अनुमंडल विधिक सेवा समिति द्वारा आयोजित विधिक जागरूकता शिविर को संबोधित करते हुए पैनल अधिवक्ता अमन द्विवेदी ने उक्त बातें कही। इस क्रम में उन्होंने कहा कि, कार्यस्थल पर महिलाओं के लिए सहज, सुरक्षित एवं सम्मानजनक वातावरण सुनिश्चित करना हम सभी की सामूहिक जिम्मेदारी है।
कार्यस्थल पर यौन उत्पीड़न अधिनियम विषयक जागरूकता शिविर आयोजित :
बिहार राज्य विधिक सेवा प्राधिकार, पटना के निर्देशानुसार अनुमंडल विधिक सेवा समिति दलसिंहसराय के सौजन्य से रविवार को अनुमंडलीय अस्पताल, दलसिंहसराय के परिसर में रविवार को महिलाओं का कार्यस्थल पर यौन उत्पीड़न (रोकथाम, प्रतिषेध एवं प्रतितोष) अधिनियम विषयक विधिक जागरूकता शिविर आयोजित किया गया।
महिलाओं के लिए सुरक्षित वातावरण हो शीर्ष प्राथमिकता :
इस दौरान उन्होंने अधिनियम के प्रावधानों, शिकायत की प्रक्रिया, आंतरिक शिकायत समिति (आईसीसी) की भूमिका तथा पीड़िता के अधिकारों के बारे में विस्तार से जानकारी दी। उन्होंने कहा कि, हर संस्था में महिलाओं के लिए सुरक्षित वातावरण सुनिश्चित करना शीर्ष प्राथमिकताओं में शामिल होना चाहिए।
नि:संकोच लें सहायता ,:
इसी क्रम में पारा विधिक स्वयं सेविका सुप्रिया भारती व डॉ० सुमन कुमार, ने उपस्थित महिलाओं, कर्मचारियों एवं अन्य लोगों को उनके विधिक अधिकारों के प्रति जागरूक किया। उन्होंने बताया कि किसी भी समस्या या असहज महसूस करने की स्थिति में वे नि:संकोच सहायता ले सकते हैं।