
ओईनी न्यूज नेटवर्क।
Oini 24 समस्तीपुर। “30 वर्ष की आयु के बाद मुंह और दांतों की समस्याएं तेजी से बढ़ने लगती हैं। जो तनाव, जीवनशैली में बदलाव और लापरवाही का असर होता है। इस लिए 6 महीने में एक बार दंत परीक्षण अवश्य करवाएं।”
विशेष स्वास्थ्य शिविर आयोजित :
मदर्स डे के अवसर पर शहर के चीनी मिल परिसर स्थित वशिष्ठ सदन के अपोलो डेंटल परिसर में माताओं के ओरल हेल्थ (दंत स्वास्थ्य) को बढ़ावा देने के लिए विशेष स्वास्थ्य शिविर सह जागरूकता कार्यक्रम के दौरान अपोलो डेंटल के निदेशक प्रमुख डॉ ज्ञानेंद्र कुमार ने उपस्थित माताओं से उक्त बातें कही।
हार्मोनल परिवर्तन भी जिम्मेदार :
उन्होंने कहा कि, महिलाओं में समय समय पर हार्मोनल परिवर्तन होते रहते हैं। 40-50 वर्ष के बाद होने वाले हार्मोनल बदलाव मसूड़ों और दांतों को प्रभावित करते हैं, जिससे मुंह संबंधी समस्याएं बढ़ जाती हैं।
सीडीसी के आंकड़े गवाह :
“सेंटर फॉर डिजीज कंट्रोल (सीडीसी) के हवाले से डॉ. ज्ञानेन्द्र ने बताया कि, सीडीसी के आंकड़े गवाह हैं कि, 30 साल से अधिक उम्र के लगभग 46% वयस्कों में मसूड़ों की बीमारी का कोई न कोई रूप देखने को मिल जाता है। जिसमें मसूड़ों की बीमारी (पेरियोडोंटल डिजीज), दांतों का घिसना और संवेदनशीलता, मुंह कम खुलना या छाले आदि शामिल हैं।
दंत परीक्षण कराने की सलाह :
बताते चलें कि, रविवार को अपोलो डेंटल परिसर में पधारी माताओं के साथ केक काट कर मदर्स डे मनाया गया। इस अवसर पर बधाई और शुभकामनाएं देते हुए डॉ ज्ञानेंद्र ने 6 महीने में एक बार अनिवार्य रूप से दंत परीक्षण कराने की सलाह दी।
उपस्थिति :
मौके पर डॉ फारुख आजमी, डॉ दयानंद कुमार, डॉ प्रभात रंजन, डॉ राबिया आदि ने भाग लिया।