
ओईनी न्यूज नेटवर्क
सुभाष चंद्र कुमार
समस्तीपुर । डॉ राजेंद्र प्रसाद केंद्रीय कृषि विश्वविधालय स्थित संचार केंद्र के पंचतंत्र सभागार में मशरूम उत्पादन एवं मूल्य संवर्धन विषय पर तीन दिवसीय प्रशिक्षण का शुभरंभ हुआ।



अध्यक्षता करते हुए विवि के नियंत्रक डॉ पीके झा ने कहा कि मशरूम उत्पादन के क्षेत्र में उत्पादकों की तकनीकी बारीकियों को समझने की जरूरत है। उनहोंने कहा कि स्वाद, पोषण और औषधीय गुणों से भरपूर होने के कारण मशरूम की मांग देश विदेश में बृहत पैमाने पर बढी है। तेजी से बदलते तकनीकी युग में कृषि के सभी क्षेत्रों का पूर्णरूप से डिजिटलीकरण कर दिया गया है। सिर्फ मशरूम उत्पादन, प्रसंस्करण एवं मूल्य संवर्धन के क्षेत्र में किसानों का तकनीकी ज्ञानव बढ़ाने की जरूरत है।



इसके पूर्व सम्मान और उद्घाटन की अँपचारिकता के बाद स्वागत भाषण एवं विषय प्रवेश कराते हुए मशरूम मैन डॉ दयाराम ने कहा कि खेती बिना खेत मशरूम आव सेहत, स्वाद और समृद्धि के कॉम्बो के रूप में आज अपनी पहनान विकसित कर चुका है।

खासकर बिहार महिलाएं जुड़ चुकी है। इन्हें अब देश विदेश के बाजारों में अपने उत्पाद को पहुंचाने की तकनीक से अवगत होने की जरूरत है। इसकेलिए समूह में मशरूम एवं इसके उत्पादों को ऑनलाइन बाजार से जोडने की दिशा में पहल करने की आवश्यकता है।


प्रशिक्षण का संचालन मशरूम वैज्ञानिक डॉ सुधानंदनी ने की। वहीं धन्यवाद जागन मशरूम केंद्र प्रभारी प्रभारी वैज्ञानिक डॉ आरपी प्रसाद ने की। मौके पर आईएआरआई झारखंड के वरीय वैज्ञानिक डॉ पंकज कुमार सिन्हा, वरीय वैज्ञानिक डॉ आशारानी पटेल, टेक्निकल टीम के सुरेश कुमार, सूरज कुमार, सुभाष कुमार आदि सहित हजारीबाग के दर्जनों किसान मौजूद थे।

