
ओईनी न्यूज नेटवर्क।
समस्तीपुर। जिले के डॉ. राजेंद्र प्रसाद केंद्रीय कृषि विश्वविद्यालय, पूसा स्थित पोषक अनाज मूल्य श्रृंखला उत्कृष्टता केंद्र द्वारा बिहार में मिल्लेट्स की खेती का विस्तार हो और किसानों की आर्थिक स्थिति सुदृढ़ करने के लिए ‘श्री अन्न- बीज से विपणन तक’ विषय पर तीन दिवसीय आवासीय प्रशिक्षण कार्यक्रम का शुभारंभ हुआ। इसका उद्देश्य किसानों को मिल्लेट्स की ‘बीज से विपणन’ तक की संपूर्ण तकनीकी जानकारी प्रदान करना है। 2 मार्च 2025 तक चलने वाले इस प्रशिक्षण में, सिवान जिले के 35 किसान भाग ले रहे हैं।

अतिथियों के स्वागत और उद्घाटन की औपचारिकता के बाद विभागाध्यक्ष, सस्य विज्ञान विभाग डॉ. एस. के. चौधरी अपने संबोधन में जलवायु सहिष्णुता और पोषण सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए मिल्लेट्स की खेती को अपनाने पर जोर दिया। वहीं प्रधान वैज्ञानिक डॉ. श्वेता मिश्रा ने देश-विदेश में मिल्लेट्स संवर्धन और किसानों के आर्थिक सशक्तिकरण में इसकी भूमिका पर प्रकाश डाला। उन्होंने बताया कि यह केंद्र ‘बिहार राज्य चतुर्थ कृषि रोडमैप’ के लक्ष्यों को पूरा करने में अहम योगदान दे रहा है।

डॉ. कौशल किशोर के अनुसार इस प्रशिक्षण में किसानों को श्री अन्न की वैज्ञानिक खेती, यांत्रिकरण, मूल्य संवर्धन और एफ.पी.ओ. के माध्यम से मूल्य श्रृंखला निर्माण की जानकारी दी जाएगी। यह न केवल सैद्धांतिक बल्कि व्यवहारिक भी होगा। जिसमें मिल्लेट्स प्रक्षेत्र, प्रसंस्करण इकाइयों का भ्रमण कराया जाएगा और मिल्लेट्स उत्पाद निर्माण का व्यावहारिक प्रशिक्षण दिया जाएगा।
कार्यक्रम का संचालन डॉ. ऋतम्भरा सिंह ने किया। इस अवसर पर केंद्र से जुड़े वैज्ञानिक, कर्मचारी, शोधकर्ता और यंग प्रोफेशनल्स भी उपस्थित रहे।


