
प्रवर्तन एजेंसियों को अवैध गतिविधियों पर रखनी होगी सख्त नजर
ओईनी न्यूज नेटवर्क।
Oini 24 डेस्क समस्तीपुर। बिहार विधानसभा आम निर्वाचन 2025 को लेकर बुधवार को समाहरणालय सभागार में जिला निर्वाचन पदाधिकारी-सह-जिला पदाधिकारी रोशन कुशवाहा की अध्यक्षता में विभिन्न कोषांगों से संबंधित विस्तृत समीक्षा बैठक आयोजित की गई। बैठक में कार्मिक, प्रशिक्षण, ईवीएम, वाहन, पोस्टल बैलेट एवं ETPBS, तथा CAPF कोषांग से जुड़ी तैयारियों का गहन विश्लेषण किया गया।
बैठक के दौरान जिला पदाधिकारी ने सभी कोषांग के नोडल पदाधिकारी एवं प्रभारी अधिकारियों को निर्देशित किया कि निर्वाचन कार्यों में पारदर्शिता, शुचिता और समयबद्धता सर्वोपरि रहेगी। उन्होंने कहा कि किसी भी स्तर पर लापरवाही या उदासीनता बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
प्रत्येक कोषांग अपने कार्यों की दैनिक प्रगति रिपोर्ट प्रस्तुत करे ताकि सभी तैयारियों की मॉनिटरिंग लगातार होती रहे। जिला निर्वाचन पदाधिकारी सह जिला पदाधिकारी श्री कुशवाहा ने विशेष रूप से कार्मिक एवं प्रशिक्षण कोषांग को निर्देश दिया कि कार्मिकों के प्रशिक्षण सत्र प्रभावी और व्यावहारिक हों, ताकि मतदान के दिन किसी प्रकार की तकनीकी या प्रक्रियागत त्रुटि न हो।
ईवीएम कोषांग को उन्होंने मशीनों की त्रिस्तरीय जांच कर सुरक्षा व्यवस्था सुनिश्चित करने को कहा। वहीं वाहन कोषांग को परिवहन योजना समय से पहले तैयार कर वाहनों की उपलब्धता सुनिश्चित करने का आदेश दिया। इसके बाद लाईव वेबकास्टिंग, आईटी, विधि-व्यवस्था/भेद्यता मानचित्र एवं सुरक्षा योजना, आदर्श आचार संहिता, निर्वाचन व्यय लेखा एवं अनुश्रवण, मीडिया/सोशल मीडिया, कम्युनिकेशन प्लान, शिकायत निवारण एवं वोटर हेल्पलाइन, प्रेक्षक एवं सिंगल विंडो कोषांग की समीक्षा की गई।
डीएम ने कहा कि भेद्यता मानचित्र को अपडेट कर संवेदनशील और अतिसंवेदनशील क्षेत्रों में पर्याप्त सुरक्षा बलों की तैनाती की जाए। उन्होंने वेबकास्टिंग व्यवस्था को मजबूत करने पर जोर देते हुए कहा कि प्रत्येक महत्वपूर्ण मतदान केंद्र से रीयल-टाइम मॉनिटरिंग की सुविधा सुनिश्चित हो।
बैठक में उपस्थित अधिकारियों को संबोधित करते हुए डीएम ने कहा कि “स्वच्छ, शांतिपूर्ण और निष्पक्ष चुनाव प्रशासन की सर्वोच्च प्राथमिकता है। जनता के विश्वास और लोकतंत्र की गरिमा को बनाए रखना हम सभी की साझा जिम्मेदारी है।”
बैठक के बाद दोपहर 1:00 बजे समाहरणालय सभाकक्ष में प्रवर्तन एजेंसियों के साथ विशेष विचार-विमर्श बैठक भी आयोजित की गई। इस बैठक में विभिन्न प्रवर्तन एजेंसियों के पदाधिकारियों ने भाग लिया। डीएम ने एजेंसियों को निर्देश दिया कि चुनाव अवधि में शराब, नकदी और अवैध वस्तुओं के प्रवाह पर सख्त निगरानी रखी जाए, और किसी भी संदेहास्पद गतिविधि पर त्वरित कार्रवाई की जाए।
उन्होंने सभी एजेंसियों के बीच घनिष्ठ समन्वय स्थापित करने पर बल दिया, ताकि किसी भी संभावित व्यवधान को पहले ही नियंत्रित किया जा सके। डीएम श्री कुशवाहा ने कहा कि प्रशासन की भूमिका केवल निगरानी तक सीमित नहीं, बल्कि मतदाताओं में भरोसा कायम रखना भी उतना ही आवश्यक है।
अंत में उन्होंने अधिकारियों से कहा कि “हर कार्य में समयबद्धता, जिम्मेदारी और निष्पक्षता झलकनी चाहिए। यह सिर्फ चुनाव नहीं, लोकतंत्र के उत्सव की तैयारी है।”