
ओईनी न्यूज नेटवर्क।
Oini 24 डेस्क समस्तीपुर। रिकार्ड मतों के साथ विधानसभा चुनाव संपन्न होने के बाद अब मतगणना पर सबकी निगाहें टिकी हैं पूरी दुनिया की नजर है कि इस बार बिहार में किसकी सरकार। इसी के साथ चुनाव परिणामों को लेकर जिले भर में राजनीतिक हलचल तेज हो गई है।
किसकी जीत होगी और किसकी हार, इसे लेकर अटकलों का बाजार गर्म है। क्या गांव क्या शहर, क्या गली क्या नुक्कर, जहां जाईए जिधर जाईए हर चैक-चैराहों चाय नाश्तें की दूकानों तक में चर्चाओं का दौर जारी है।
बताते चलें कि जिले भर से मिली खबरों के मुताबिक जिले में सभी सीटों पर इस बार मुकाबला त्रिकोणीय व चतुष्कोणीय बन गया है। कई जगहों पर नए चेहरों ने पुराने नेताओं को कड़ी चुनौती दी है, वहीं कुछ अनुभवी प्रत्याशी अपने संगठन और जनसंपर्क के दम पर नतीजे अपने पक्ष में आने का दावा कर रहे हैं।
समर्थकों में तो उत्सुकता और उत्साह अपने चरम पर है, जहां हर कोई अपने प्रत्याशी के जीत का भरोसा जताता व दावा करता दिख रहा है। वहीं क्राॅस वोटिंग के परिणाम से आशंकित भी है। कोई विरोधियों के पलटवार की संभावना पर चर्चा करता नजर आ रहा है।
सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर भी राजनीतिक बहस रफ्तार पकड़ चुकी है। समर्थक आंकड़ों और बूथ मैनेजमेंट के आधार पर अपने पसंद के नेताओं की जीत के दावे पेश कर रहे हैं। वहीं मंद-मंद मुस्कुराता आम मतदाता अब तक अपने-अपने मतदान अनुभव और उम्मीदवारों की सक्रियता को तौलते हुए अनुमान लगा रहे हैं।
हालांकि राजनीतिक विश्लेषकों का पुर्व के अनुभवों के आधार पर मानना है कि रिकार्ड मतदान का परिणाम हमेशा सत्ता के खिलाफ गया है। इसलिए अंतिम परिणाम में कई सीटों पर बेहद करीबी मुकाबला देखने को मिल सकता है।
विश्लेषकों के मुताबिक नये नवेले जनसुराज पाटी के प्रत्याशियों को मिला वोट दोनों प्रमुख गठबंधनों के बीच हार-जीत में बडी भूमिका निभायेगा। इन तमाम अटकलों के बीच इतना तो तय है कि ईवीएम खुलने के बाद ही यह साफ हो पाएगा कि जनता ने किसे अपना जनप्रतिनिधि चुना है।
फिलहाल जिले में चुनाव बाद की अटकलबाजी अपने चरम पर है और हर तरफ बस एक ही सवाल गूंज रहा है किसकी जीत और किसकी हार बिहार में अबकी किसकी सरकार?