
ओईनी न्यूज नेटवर्क।
Oini 24 समस्तीपुर। माननीय सुप्रीम कोर्ट ऑफ इंडिया के निर्देशानुसार जिला विधिक सेवा प्राधिकार, समस्तीपुर द्वारा विधिक सेवा सदन परिसर में अधिवक्ताओं के लिए एक विधिक जागरूकता शिविर का आयोजन किया गया। कार्यक्रम की अध्यक्षता प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश-सह-अध्यक्ष, जिला विधिक सेवा प्राधिकार, समस्तीपुर समीर कुमार ने की।
शिविर का मुख्य विषय बार काउंसिल ऑफ इंडिया के नियमों के भाग-6, अध्याय-2 में वर्णित “पेशेवर आचरण एवं शिष्टाचार के मानक” था, जो अधिवक्ता अधिनियम की धारा 49(1)(सी) के अंतर्गत निर्धारित किए गए हैं।
न्यायिक प्रक्रिया की गरिमा आदि विषयों पर चर्चा :
कार्यक्रम में अधिवक्ताओं के नैतिक दायित्वों, न्यायालय के प्रति कर्तव्यों, मुवक्किलों के साथ व्यवहार, सहकर्मी अधिवक्ताओं के प्रति सम्मान तथा न्यायिक प्रक्रिया की गरिमा बनाए रखने जैसे महत्वपूर्ण विषयों पर विस्तार से चर्चा की गई।
गरिमा के साथ उद्देश्य की पूर्ति में दें योगदान :
अपने अध्यक्षीय संबोधन में श्री समीर ने कहा कि, अधिवक्ता न्याय व्यवस्था का अभिन्न अंग हैं और उनके आचरण, कार्यशैली एवं नैतिक मूल्यों का सीधा प्रभाव न्यायिक व्यवस्था की विश्वसनीयता पर पड़ता है। उन्होंने अधिवक्ताओं से अपेक्षा की कि वे अपने पेशे की गरिमा एवं मर्यादा को बनाए रखते हुए न्याय के उद्देश्य की पूर्ति में सक्रिय योगदान दें।
उच्च नैतिक मानकों का पालन करने का आह्वान :
कार्यक्रम में जिला विधिक सेवा प्राधिकार, समस्तीपुर के सचिव मनोज कुमार ने विषय की विस्तृत जानकारी देते हुए कहा कि, अधिवक्ताओं के लिए निर्धारित आचार संहिता केवल नियमों का संकलन नहीं है, बल्कि यह न्यायिक व्यवस्था में जनता के विश्वास को बनाए रखने का महत्वपूर्ण आधार है। उन्होंने अधिवक्ताओं से अपने पेशेवर जीवन में उच्च नैतिक मानकों का पालन करने का आह्वान किया।
उपस्थिति और संचालन :
इस अवसर पर जिला वकील संघ के अध्यक्ष गौरीशंकर मिश्र, संयुक्त सचिव कुंज बिहारी वर्मा, वरीय अधिवक्ता विजेंद्र ठाकुर, किरण सिंह, कुमार रविशंकर सहित बड़ी संख्या में अधिवक्तागण उपस्थित रहे। कार्यक्रम का संचालन जिला वकील संघ, के वरीय अधिवक्ता संजय कुमार सिन्हा उर्फ दीपू बाबू ने किया।