
ओईनी न्यूज नेटवर्क।
Oini 24 समस्तीपुर। समस्तीपुर पुलिस ने नेटवर्क मार्केटिंग की आड़ में कथित तौर पर बंधक बनाकर काम कराने वाले रैकेट का पर्दाफाश कर दिया है। इस क्रम में पुलिस ने मुफस्सिल थाना क्षेत्र के दुधपुरा और मुसापुर में छापेमारी कर नाबालिग सहित 105 युवक-युवतियों को मुक्त कराया, जिन्हें सरकारी नौकरी दिलाने का झांसा देकर लाया गया था और जबरन नेटवर्क मार्केटिंग में काम कराया जा रहा था।
जबरन काम कराये जाने की शिकायत की पुष्टि:
इस बाबत जानकारी देते हुए एसपी अरविन्द प्रताप सिंह ने शनिवार को बताया कि, पिछले कुछ दिनों से सूचना मिल रही थी कि जिले में नेटवर्क मार्केटिंग के नाम पर युवाओं को जबरन काम कराया जा रहा है। सूचना के सत्यापन के लिए साइबर थाना और नगर थाना की टीम ने मामले की जांच की, जिसमें प्रथम दृष्टया शिकायत सही पाया गया।
नेटवर्क मार्केटिंग करने के लिए दबाव :
17 जून 2026 को राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग से निर्देश मिलने के बाद आरक्षी अधीक्षक श्री सिंह के आदेश पर डीएसपी साइबर क्राइम दुर्गेश दीपक के नेतृत्व में विशेष टीम का गठन किया गया। जिसने दुधपुरा और मुसापुर में घेराबंदी कर छापेमारी की। जांच में सामने आया कि लीड विजन ट्रेडिंग इंडियन प्राइवेट लिमिटेड (गैलवे के रूप में कार्यरत) के नाम पर युवाओं को सरकारी नौकरी का प्रलोभन देकर यहां लाया जाता है और उन्हें कथित रूप से कैद जैसी स्थिति में रखकर नेटवर्क मार्केटिंग करने के लिए मजबूर किया जाता था।
29 नाबालिग लड़के व 10 लड़कियां शामिल :
पुलिस कप्तान ने बताया कि, पुलिस ने छापेमारी के दौरान कुल 105 लोगों को मुक्त कराया। जिनमें बिहार के विभिन्न जिलों के अलावा असम और पश्चिम बंगाल के 29 नाबालिग लड़के 10 नाबालिग लड़कियां सहित 67 युवक, 38 युवतियां शामिल हैं।