
ओईनी न्यूज नेटवर्क।
समस्तीपुर । संत निरंकारी मिशन की सेवा भावना और मानव कल्याण के संकल्प को साकार करने हेतु भारत सरकार के ‘प्रोजेक्ट अमृत’ स्वच्छ जल, स्वच्छ मन अभियान के तृतीय चरण में मिशन के सैकड़ों सेवादल स्वयंसेवकों द्वारा मगरदही घाट से पीपड़ा घाट तक नदी घाटों की सफाई की गई। कार्यक्रम का उद्घाटन सेन्ट्रल को-ऑपरेटिव बैंक, समस्तीपुर के अध्यक्ष विनोद राय ने किया। उन्होंने कहा कि इस परियोजना का उद्देश्य जल संरक्षण एवं स्वच्छता के प्रति जनमानस को जागरुक करना है। यह एक सार्थक कदम है, ताकि भावी पीढ़ियों को निर्मल जल और स्वस्थ पर्यावरण का वरदान प्राप्त हो सकें।
कार्यक्रम का संचालन करते हुए मुखी महात्मा राजेश कुमार ने बताया की परम श्रद्धेय सद्गुरु माता सुदीक्षा जी महाराज एवं सत्कार योग्य निरंकारी राजपिता रमित जी के पावन आर्शीवाद से यह अभियान आज ही देश भर के 27 राज्यों एवं केन्द्रशासित प्रदेशो के 900 से अधिक शहरों में 1600 से भी अधिक स्थानों पर एक साथ आयोजित किया जा रहा है। इस दिव्य पहल का उद्देश्य केवल जल स्रोतों की स्वच्छता सुनिश्चित करना नहीं, बल्कि जल संरक्षण को मानव जीवन का अभिन्न अंग बनाने की सोच को विकसित करना है।
नदियों, तालाबों, कुओं जैसे प्राकृतिक जल स्रोतो की स्वच्छता एवं संरक्षण को समर्पित इस महाअभियान ने अपने पहले दो चरणो में अभूतपूर्व प्रभाव डाला। इसी प्रेरणा के साथ, इस वर्ष तृतीय चरण को और अधिक व्यापक, प्रभावी एवं दूरगामी दृष्टि से आगे बढ़ाया गया है। ताकि यह अभियान समाज में जागरुकता, सेवा और समर्पण की भावना जागृत कर सके।
अवसर पर सेवादल संचालक महात्मा राम प्रकाश जी, शिक्षक नन्देश्वर जी, शिक्षिका बहन अर्चना रानी, राज किशोर जी, यमुना प्रसाद जी, विनोद कुमार महाराज जी, मोतीलाल जी, मिथलेश जी सहित निरंकारी मिशन के सैकड़ो सेवादल भोलेन्टियर ने सफाई अभियान को सफल बनाया। वहीं जागरुकता रैली भी निकाली गई।
