
ओईनी न्यूज नेटवर्क।
Oini 24 समस्तीपुर। बुधवार को बेटी बचाओ, बाल विवाह मुक्त भारत, बचपन बचाओ सहित दर्जनों आंदोलन की सहकार जवाहर ज्योति बाल विकास केन्द्र, जिला प्रशासन और पुलिस प्रशासन के संयुक्त तत्वाधान में जननायक कर्पूरी ठाकुर सभागार में बाल यौन अपराधों से संरक्षण अधिनियम और किशोर न्याय अधिनियम विषयक एक दिवसीय उन्मुखीकरण सह क्षमतावर्धन कार्यशाला सफलतापूर्वक संपन्न हो गया। इस प्रशिक्षण कार्यशाला में जिला के विभिन्न थानों से सौ से ज्यादा थानाध्यक्ष व बाल कल्याण पुलिस पदाधिकारियों को प्रशिक्षित किया गया।
दीप प्रज्ज्वलित कर किया उद्घाटन :
आरक्षी उपाधीक्षक-यातायात- आशीष राज, बाल कल्याण समिति के अध्यक्ष रंजू कुमारी तथा जवाहर ज्योति बाल विकास केन्द्र के सचिव सुरेन्द्र कुमार, कोषाध्यक्ष वीणा कुमारी, संदीप कुमार, बलराम चौरसिया, ललिता कुमारी, किरण कुमारी, रवि कुमार मिश्रा, पप्पु यादव, दिप्ती कुमारी, रविन्द्र पासवान, वीभा कुमारी आदि के द्वारा दीप प्रज्वलित कर उद्घाटन किया गया।
सरकार और समाज को सजग और संवेदनशील होने की जरूरत :
विशिष्ट अतिथि आशीष राज, आरक्षी उपाधीक्षक-यातायात ने अपने उद्घाटन संबोधन में कहा कि बच्चों की सुरक्षा और संरक्षण के लिए किशोर न्याय अधिनियम में कई उपाय बताये गये हैं, जरूरत है सरकार और समाज को सजग और संवेदनशील होने की। तभी हम बाल यौन शोषण, बाल विवाह, बाल श्रम और बाल दूर्व्यपार से बच्चों को बचा सकते हैं। आज का यह प्रशिक्षण हमारे पुलिस पदाधिकारियों के लिए मील का पत्थर साबित होगा।
अतिथियों ने कहा :
बाल कल्याण समिति के अध्यक्ष रंजू कुमारी ने भी पुलिस, प्रशासन और सामुदायिक भागीदारी को प्रमुखता से रखा। पोक्सो और किशोर न्याय कानून को विस्तार से समझाते हुए प्रशिक्षक भगवान पाठक ने कानून की बारीकियों और पुलिस की भूमिका पर प्रकाश डाला। प्रशिक्षक प्रकाश कुमार नें पोक्सो एक्ट के अंदर सजा के प्रावधान के बारे में बताया। महिला एवं बाल विकास निगम, समस्तीपुर के जिला कार्यक्रम प्रबंधक रवि प्रकाश सिंह ने पोक्सो पीड़िताओं के त्वरित न्याय तथा बेहतर आवासन के लिए निगम की योजनाओं के बारे में जानकारी दिया।
जवाहर ज्योति बाल विकास केंद्र के सचिव ने दी जानकारी :
जवाहर ज्योति बाल विकास केन्द्र के सचिव सुरेन्द्र कुमार ने बताया कि, “हमने सिर्फ समस्तीपुर जिले में अब तक 150 पोक्सो पीड़िताओं को मनोवैज्ञानिक, सामाजिक और कानूनी सहायता दी है। लगभग 1700 बच्चों को बाल श्रम से मुक्त कराकर मुख्य धारा में शामिल कराया कराया है एवं उनको विभिन्न सामाजिक सुरक्षा योजनाओं से जोड़ा है।”
प्रशासन व विभिन्न विभागों का मिला सहयोग :
उन्होंने बताया कि, “3000 से अधिक नाबालिग किशोरियों और उनके परिवार को बाल विवाह के प्रति जागरूक किया गया तथा 600 नाबालिग किशोरियों को बाल विवाह से मुक्त कराया गया है जिनकी शादी तय हो गई थी। इस कार्य में चाइल्ड हेल्पलाइन, पुलिस, जिला प्रशासन, श्रम संसाधन विभाग, रेलवे सुरक्षा बल, राजकीय रेल पुलिस का सहयोग मिला।”
मीडिया संस्थानों का भी मिला सहयोग :
इसके साथ हीं बाल विवाह मुक्त भारत अभियान में महिला और बाल विकास मंत्रालय, भारत सरकार, जस्ट राइट्स फॉर चिल्ड्रेन एलायंस, क्राई-चाइल्ड राइट्स एंड यू, एक्सेस टू जस्टिस कार्यक्रम का सहयोग और तकनीकी समर्थन प्राप्त है। बच्चों के सुरक्षा और संरक्षण के लिए जिला के तमाम मिडिया संस्थानो का भी सकारात्मक सहयोग मिलता रहा है।
कई समाजसेवी थे मौजूद :
मौके पर दूर देहात के सचिव प्रभु नारायण झा, चेतना सामाजिक संस्था के अध्यक्ष डॉ. मिथिलेश कुमार, सामाजिक कार्यकर्ता प्रमोद कुमार राय, अर्जून प्रसाद सिंह, मयंक कुमार सिंहा, अनुष्का कुमारी, नवनीत कुमार, संदीप कुमार, पैरवी-नई दिल्ली की कार्यक्रम समन्वयक वीभा कुमारी, बबिता कुमारी, चाइल्ड हेल्पलाइन के जिला समन्वयक शंकर मल्लिक, नगर थाना से सिम्पल कुमार वर्मा, अल्का विश्वास, वीर बहादूर सिंह, शिवानी नंदिनी, पुनम कुमारी, मीरा कुमारी, काजल कुमारी, खुश्बू कुमारी, शबनम कुमारी, गोपाल कुमार गुप्ता, सलीम रजा इत्यादि उपस्थित रहे।