
ओईनी न्यूज नेटवर्क।
Oini 24 समस्तीपुर। इस वर्ष की गर्मी में कम से कम पेयजल संकट से लोगों को जूझना नहीं पड़े इसको लेकर जिला प्रशासन संवेदनशील नजर आ रहा है। क्योंकि, गर्मी की आहट पाते ही प्रशासन पेयजल संकट के निवारण की दिशा में एक्शन मोड में आ गया है।
20 चापकल मरम्मति दल को किया रवाना :
शनिवार को जिला पदाधिकारी रौशन कुशवाहा ने समाहरणालय परिसर से जिले के 20 प्रखंडों केलिए (प्रति प्रखंड 01) चापाकल मरम्मती दल वाहन को हरी झंडी दिखा कर रवाना किया। इस वाहन के साथ चल रहे कारीगर व मजदूर क्षेत्र में किसी कारण से खराब पड़े सरकारी चापाकल की मरम्मत कर उसे चालू करेंगे। साथ ही, खराब चापाकल की ससमय सूचना मिलते ही या पूर्व से प्राप्त सूचना के आधार पर चिन्हित चापाकल की मरम्मती सुनिश्चित करेंगे।
अजा/जजा टोला में जल की अनुपलब्धता वाले क्षेत्रों को प्राथमिकता :
चलंत चापाकल मरम्मति दल द्वारा मरम्मत किये चापाकल का स्थल जाँच एवं निरीक्षण, संबंधित प्रखंड / प्रशाखा के कनीय अभियंता द्वारा किया जाएगा। सार्वजनिक जगहों, स्कूलों, आंगनवाड़ी केन्द्रों, अनुसूचित जाति /जनजाति टोला में चिन्हित जल की अनुपलब्धता वाले क्षेत्रों में प्राथमिकता के आधार पर चापाकल मरम्मति का कार्य किया जाएगा।
बेवजह जल की बर्बादी से बचें एवं दूसरे को जागरूक करें :
इस अवसर पर जिलाधिकारी ने बताया कि, “वित्तीय वर्ष 2025-26 में कुल 2800 चापाकलों के मरम्मती का लक्ष्य रखा गया है। साथ ही, मरम्मती कराये गए चापाकल का प्रमंडल स्तर से दैनिक रूप से अनुश्रवण किये जाने के लिए जिला नियंत्रण कक्ष अधिष्ठापित है।” इस दौरान जिलाधिकारी ने लोगों से अनुरोध किया है कि, “आवश्यकतानुसार ही पेयजल का उपयोग करें, बेवजह जल की बर्बादी से बचें एवं दूसरे व्यक्ति को पेयजल के सतर्क उपयोग हेतु जागरूक करें।”
नियंत्रण कक्ष स्थापित :
उन्होंने बताया कि, विभाग द्वारा जारी टोल फ्री नं०-18001231121 पर 24 घंटे संपर्क हेतु उपलब्ध रहेगा। इसके अलावे जिला नियंत्रण कक्ष के दूरभाष सं०-06274-461837 पर सुबह 10 से शाम 5 बजे तक संपर्क किया जा सकता है।
सहायक अभियंता व कनीय अभियंता से करें संपर्क :
पेयजल से संबंधित शिकायत के निवारण हेतु संबंधित सहायक अभियंता एवं कनीय अभियंता से भी सीधे सम्पर्क स्थापित किया जा सकता है।