
ओईनी न्यूज नेटवर्क।
समस्तीपुर। संभल के बहाने पूरे देश को दंगे की आग में झोंक देने की बड़ गहरी साजिश थी। जिसे भारतवासियों ने अपनी बुद्धि कौशल से विफल कर दिया और साबित कर दिया कि फिरकापरस्त फासीवादी ताकतों में इतना भी दम नहीं जो झूठा अफवाह फैला कर भारतीयता और हिन्दुस्तानियत को लहुलुहान कर दे।


उक्त बातें भाकपा माले नेता अमित कुमार से सोमवार को संवाददाता से संक्षिप्त मुलाकात के दौरान कही। उन्होंने कहा कि सरकार के इशारे पर पूरा प्रशासन और गोदी मीडिया ने शुक्रवार को ही होली होने की बात कर देश में कपोल कल्पित तनाव का माहौल रचने की साजिश की थी।


माले नेता ने कहा कि शुक्रवार को होली तो थी नहीं, अगर मान भी लें होली थी, तो यह पहली बार नहीं था कि जब जुमे के दिन होली पडी हो। हर चौथी या पांचवी होली जुमे के दिन पडती है। फिर यह पूरा नाटक किसलिए था?


खुशी की बात है कि पूरे देश में जुमे की नमाज भी परंपरा के अनुसार पढी गई वहीं होली के दीवानों ने भी जम कर होली खेली। कहीं से नमाज और होली को लेकर विवाद की कोई खबर नहीं आई। इस प्रकार सरकार, प्रशासन और मीडिया की साजिश नाकाम हो गई।

काॅ अमित ने कहा कि यह हमारे देश की महान सांस्कृतिक परंपरा और परस्पर भाईचारा वाले माहौल का परिणाम ही है। जिसे भाजपा वालों ने तार-तार करने की पूरी योजना बना रखी थी। श्री अमित ने कहा कि शुक्रवार को होली मनाने की बात कर केन्द्र सरकार ने साबित कर दिया कि व न हिन्दूओ के सगे है न सनातनियों के।

उन्होंने कहा होली हमेशा चैत्र महीने की प्रतिपदा को मनाया जाता है। यह विक्रम संवत के नये वर्ष का स्वागत का दिन है। इसी दिन से हिन्दुस्तानी नव वर्ष की शुरूआत होती है। गुरूवार को देर से पुर्णिमा आरंभ होने के कारण शुक्रवार को करीब दिन भर पूर्णिमा ही था। फिर हिन्दुओं और सनातन की रक्षा का दम भरने वाले भाजपा नेता और पूरी मीडिया ने शुक्रवार को होली कैसे मना लिया।


माले नेता ने कहा कि विविध रंगों व व्यंजनों वाला पर्व होली हमारे देश के सांस्कृतिक विविधता में एकता का प्रतीक है। इसकी रक्षा केलिए देश का बच्चा-बच्चा पर्याप्त समझदारी रखता है। हमे अपने देश और पूरे देश वासियों पर गर्व है।

