

ओईनी न्यूज नेटवर्क
पटना। प्राचीन कला केंद्र चंडीगढ एवं कला, संस्कृति और युवा विभाग, बिहार सरकार के संयुक्त तत्वावधान में आयोजित बसंतोत्सव का शनिवार को भारतीय नृत्य कला मंदिर के हरि उप्पल ऑडिटोरियम में भव्य समापन हुआ। जिसमें केन्द्र के छात्राओं के नृत्य इंदौर से आयी शास्त्रीय गायिका शोभा चौधरी गायन तथा पटना की सुप्रसिद्ध सरोद वादक रीता दास की प्रस्तुतियों से संगीत का सम्पूर्ण स्दवरूप साकार हुआ। जिसका दर्शकों ने जम कर लुत्फ उठाया।

बसंतोत्सव के दूसरे और अंतिम दिन सबसे पहले प्राचीन कला केंद्र के सचिव सजल कौसर ने पारम्परिक दीप प्रज्वलन कर कार्यक्रम का विधिवत उद्घाटन किया। तदुपरान्त आगत अतिथियों ने केन्द्रके संस्थापक गुरू एमएल कौसर के चित्र पर श्रद्धासुमन अर्पित किए। केंद्र के सचिव श्री कौसर ने बीपीएससी की टाॅपर बनी केंद्र की छात्रा रूही कुमारी को अंतर्राष्ट्रीय महिला दिवस के अवसर पर उत्तरीय, पुष्प गुच्छ एवं स्मृति चिन्ह देकर सम्मानित किया।


केन्द्र की छात्राओं के संक्षिप्त कथक नृत्य प्रस्तुति ने कार्यक्रम को दिशा दी। पुनश्च शोभा चौधरी के पारम्परिक आलाप के पश्चात राग श्री में विलम्बित एक ताल में निबद्ध रचना “साँझ भाई आओ रे आओ, हरी गन नीके गाये सुनाओ ” से समारोह परवान चढा। इसके उपरांत मध्य लय, दूत एक ताल, रागमाला और होली नें दर्शकों को झूमने को मजबूर कर दिया। तबले पर अमिताभ सेन और हारमोनियम पर सुजान चटर्जी ने बाखूबी संगत कर समां बांधे रखा।


इसके उपरांत राग झिंझोटी में पारम्परिक आलाप, विलम्बित व द्रुत गत के साथ पारम्परिक रचनाये पेश कर रीता दास ने कार्यक्रम में चार चाँद लगा दिए। इनके साथ दिल्ली के प्रसिद्द तबला वादक उस्ताद अख्तर हसन ने संगत कर संगीत के जादूई माहौल को बनाये रखा।


इस दौरान केंद्र के सचिव श्री कौसर ने कलाकरों को मोमेंटो एवं उत्तरीय देकर सम्मानित किया। अंत में संगीत सुधी रसिकों, दर्शकों, मीडिया कर्मियों एवं कलाकारों का धन्यवाद किया।

मौके पर बोकारो से पधारे प्रसिद्ध तबला वादक डाॅ राकेश रंजन, रांची से आये सुविख्यात गायक सतीश शर्मा, समस्तीपुर से आये संगीतज्ञ डाॅ संजय कुमार राजा, तबला वादक राकेश कुमार, केन्द्र के क्षेत्रीय समन्वयक अभिषेक कुमार, मनीष कुमार सहित सैकड़ो लोग मौजूद थे।
