जबरदस्त मतदान से शिक्षक विधान पार्षद प्रत्याशियों में उत्साह, वही कम मतदान ने बिगाड़ा स्नातक प्रत्याशियों का गणित

ओईनी न्यूज नेटवर्क।
Oini 24 समस्तीपुर। चाक चौबंद सुरक्षा व्यवस्था के बीच बिहार विधान परिषद के दरभंगा स्नातक एवं शिक्षक निर्वाचन क्षेत्र में द्विवार्षिक चुनाव के लिए शुक्रवार को मतदान शांतिपूर्ण माहौल में संपन्न हो गया। इसके साथ ही सभी प्रत्याशियों का भाग्य मतपेटियों में बंद हो गया है। स्नातक निर्वाचन क्षेत्र में 40 और शिक्षक निर्वाचन क्षेत्र में 13 प्रत्याशी चुनाव मैदान में हैं। अब सबकी निगाहें 27 अक्टूबर पर टिकी हैं, जब मतगणना के बाद चुनावी तस्वीर स्पष्ट होगी।
उधर, मतदान के समाप्त होने के साथ ही प्रत्याशियों और समर्थकों के बीच संभावित परिणामों को लेकर अटकलों और कयासबाजियों का सिलसिला चल पड़ा है। प्रत्याशी और उनके समर्थक मतदान के रुझानों का अपने-अपने स्तर पर आकलन कर रहे हैं।
स्नातक निर्वाचन क्षेत्र में कम मतदान से दावदारों का बिगड़ रहा गणित :
स्नातक निर्वाचन क्षेत्र में 40 प्रत्याशियों की मौजूदगी से मुकाबला बहुकोणीय हो गया है। इतने अधिक प्रत्याशियों के बीच मतों का बंटवारा चुनावी परिणाम को प्रभावित करने वाला एक महत्वपूर्ण कारक हो सकता है। प्रत्याशियों के प्रदर्शन पर उनके समर्थकों का आधार, मतदाताओं से संपर्क, चुनाव पूर्व की सक्रियता और चुनावी रणनीति जैसे पहलुओं का प्रभाव पड़ने की संभावना है। हालांकि स्नातक मतदाताओं की उदासीनता के फलस्वरूप हुए कम मतदान प्रतिशत ने दावेदारों के गणित को उलझा दिया है। कम मतदान प्रतिशत को निवर्तमान प्रत्याशी के उदासीन रवैये का परिणाम के रूप में देखा जा रहा है।
इन कारकों का वास्तविक असर मतगणना के बाद ही स्पष्ट होगा। तब ही स्पष्ट होगा कि, किस प्रत्याशी ने मतदाता का भरोसा जीतने में सफलता हासिल किया किसको मतदाताओं का पर्याप्त समर्थन मिला और किसकी रणनीति अपेक्षित परिणाम हासिल नहीं कर सकी यह तो परिणाम से ही पता चलेगा।
शिक्षक निर्वाचन क्षेत्र में भी मामला दिलचस्प :
शिक्षक निर्वाचन क्षेत्र में 13 प्रत्याशियों के चुनाव मैदान में होने और मतदाताओं में जबरदस्त उत्साह के कारण करीब 86 प्रतिशत मतदान से यहां भी परिणाम को लेकर असमंजस की स्थिति बनी हुई है। शिक्षक मतदाताओं की प्राथमिकताओं के परिपेक्ष्य में प्रत्याशियों की स्वीकार्यता और उनके प्रति भरोसा और उनके पक्ष में समर्थन जुटाने की क्षमता चुनावी परिणाम की दिशा तय करेगी। मतदान के बाद प्रत्याशियों के समर्थक अपने-अपने पक्ष में परिणाम की उम्मीद जता रहे हैं।
मतगणना 27 को :
दोनों निर्वाचन क्षेत्रों के प्रत्याशियों और समर्थकों की निगाहें अब 27 अक्टूबर को होने वाली मतगणना पर टिकी हैं। मतगणना के बाद यह स्पष्ट होगा कि मतदाताओं ने किसे अपना प्रतिनिधि चुना है। फिलहाल प्रत्याशियों और समर्थकों के बीच संभावित परिणामों को लेकर अलग-अलग आकलन किए जा रहे हैं। बहस और मुबाहिसों का दौर शुरू हो चुका है। यही लोकतंत्र की खूबसूरती है।