
ओई नी न्यूज नेटवर्क।
पूसा। डीप लर्निंग जैसी उन्नत तकनीकें शोध एवं अनुसंधान में बेहद उपयोगी हैं। ये अनुसंधान क्षमताओं को मजबूत करने, वैज्ञानिक शोध-पत्रों की गुणवत्ता सुधारने और जटिल शोध समस्याओं के समाधान में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती हैं।
डॉ. राजेंद्र प्रसाद केंद्रीय कृषि विश्वविद्यालय, पूसा के आधार विज्ञान एवं मानविकी महाविद्यालय के सांख्यिकी एवं संगणक अनुप्रयोग विभाग द्वारा आयोजित ‘उन्नत डीप लर्निंग’ विषयक पांच दिवसीय प्रशिक्षण-सह-कार्यशाला का उद्घाटन करते हुए सांख्यिकी एवं संगणक अनुप्रयोग विभाग के विभागाध्यक्ष डॉ. महेश कुमार ने उक्त बातें कही।
की सराहना :
परम्परानुसार स्वागत, अभिनंदन एवं संयुक्त रूप से दीप प्रज्ज्वलित का उद्घाटन के बाद अपने संबोधन में उन्होंने प्रशिक्षण एवं क्षमता निर्माण को बढ़ावा देने में कुलपति के नेतृत्व और महाविद्यालय के अधिष्ठाता डॉ. अमरेश चंद्रा के मार्गदर्शन की सराहना की।
15 शिक्षक और शोधार्थी हुए शामिल :
13 से 17 अक्टूबर तक चलने वाली इस कार्यशाला में प्रतिभागियों को डीप लर्निंग की उन्नत तकनीकों और अनुसंधान में उनके व्यावहारिक उपयोग की जानकारी दी जाएगी। कार्यशाला में पीएचडी एवं स्नातकोत्तर विद्यार्थियों समेत 15 शिक्षक और शोधार्थी भाग ले रहे हैं।
नई अनुसंधान चुनौतियों के समाधान करें विकसित :
महाविद्यालय के अधिष्ठाता डॉ. अमरेश चंद्रा ने प्रतिभागियों का स्वागत करते हुए आयोजन टीम को बधाई दी और कहा कि आधुनिक अनुसंधान में उन्नत विश्लेषणात्मक उपकरणों और समकालीन शोध पद्धतियों का ज्ञान आवश्यक है। उन्होंने प्रतिभागियों से कार्यशाला में प्राप्त ज्ञान एवं कौशल का उपयोग अपने शोध कार्यों को बेहतर बनाने और नई अनुसंधान चुनौतियों के समाधान विकसित करने में करने की अपील की।
उपस्थिति, संचालन और धन्यवाद ज्ञापन :
उद्घाटन सत्र का संचालन डॉ. मंजुबाला एम. ने किया। मौके पर डॉ. आरके चौधरी, डॉ. निधि, डॉ. सुधीर पासवान, डॉ. मौमिता बैश्य, डॉ. परिणीता दास, डॉ. साइस्ता तबस्सुम, पाठ्यक्रम समन्वयक डॉ. पुनीत धीर और तकनीकी कर्मी सूरज बहादुर उपस्थित थे। अंत में सह-पाठ्यक्रम समन्वयक ई. तुषार कुमार पांडेय ने धन्यवाद ज्ञापन किया।
