
ओईनी न्यूज नेटवर्क।
Oini 24 समस्तीपुर। सरकार ‘बेटी बचाओ’ का नारा देती है, लेकिन बलात्कारियों को प्रश्रय और संरक्षण देती है। सड़क, स्कूल और कॉलेज हो या कार्यस्थल कहीं भी बच्चियां खुद को सुरक्षित महसूस नहीं कर रही हैं। जब बेटियां सुरक्षित नहीं तो काहे का डबल इंजन।
जमुई में कोचिंग से लौट रही नाबालिग छात्रा के साथ कथित बदसलूकी की घटना को लेकर जारी प्रेस विज्ञप्ति में उजियारपुर विधायक सह पूर्व मंत्री आलोक कुमार मेहता ने उक्त बातें कही है।
सरकार पर साधा निशाना :
अपने विज्ञप्ति में सरकार पर जमकर निशाना साधते हुए श्री मेहता ने कहा है कि, आज बिहार में बच्चियां डरी और सहमी हुई हैं। शाम के बाद बेटियों का घर से निकलना मुश्किल हो गया है। जमुई में दसवीं कक्षा की छात्रा के साथ सरेआम हुई कथित बदसलूकी यह बताती है कि अपराधियों के हौसले कितने बुलंद हैं।
सख्त कार्रवाई की मांग :
विधायक ने कहा कि, जमुई की घटना ने राज्य की कानून-व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। जब बेटियां खुद को सुरक्षित महसूस ही नहीं कर पा रही तो ऐसे डबल इंजन का क्या फायदा। इस मामले में उन्होंने सरकार से त्वरित और सख्त कार्रवाई की मांग की।
वीडियो वायरल करने वालों के खिलाफ भी हो कार्रवाई :
पूर्व मंत्री ने मामले में दोषियों के खिलाफ पॉक्सो एक्ट के तहत कड़ी कार्रवाई करने की मांग की है। साथ ही उन्होंने नाबालिग छात्रा का वीडियो वायरल करने वालों के खिलाफ आईटी एक्ट के तहत मामला दर्ज कर सख्त कार्रवाई की मांग भी की है, ताकि पीड़िता की निजता और गरिमा की रक्षा की जा सके।
संवेदनशीलता के साथ त्वरित कार्रवाई करे सरकार :
उन्होंने कहा कि नाबालिगों से जुड़े मामलों में पुलिस और प्रशासन को संवेदनशीलता के साथ त्वरित कार्रवाई करनी चाहिए तथा दोषियों को कानून के दायरे में लाकर पीड़िता को न्याय दिलाना चाहिए।