
ओईनी न्यूज नेटवर्क।
Oini 24 समस्तीपुर। स्वच्छ, सुंदर और स्वस्थ शहर के निर्माण के लिए ठोस कचरे का वैज्ञानिक प्रबंधन जरूरी है। ठोस कचरे का उचित प्रबंधन केवल नगर निकायों की जिम्मेदारी नहीं है। इसमें जनप्रतिनिधियों, प्रशासन के साथ आम नागरिकों की भी महत्वपूर्ण भूमिका है। उन्होंने कहा कि घर से ही कचरे का पृथक्करण सुनिश्चित करने के साथ उसके वैज्ञानिक निस्तारण की व्यवस्था को प्रभावी बनाना होगा।
कैसे पूरा होगा प्रशिक्षण का वास्तविक उद्देश्य :
ठोस अपशिष्ट प्रबंधन नियम, 2026 को लेकर नगर निगम प्रशासन की ओर से आयोजित प्रशिक्षण सह कार्यशाला को संबोधित करते हुए उप विकास आयुक्त सूर्य प्रताप सिंह ने उक्त बातें कही। इस दौरान उन्होंने कहा कि, प्रशिक्षण का वास्तविक उद्देश्य तभी पूरा होगा, जब इसमें मिली जानकारी को धरातल पर लागू किया जाए।
जिला स्तरीय प्रशिक्षण सह कार्यशाला का आयोजन :
बताते चलें कि, घर से निकलने वाले कचरे का कचरा स्रोत पर ही पृथक्करण से लेकर उसके संग्रहण, परिवहन, प्रसंस्करण और सुरक्षित निस्तारण तक की व्यवस्था को प्रभावी बनाने के लिए शुक्रवार विधि महाविद्यालय में ठोस अपशिष्ट प्रबंधन नियम, 2026 को लेकर नगर निगम प्रशासन की ओर से जिला स्तरीय प्रशिक्षण सह कार्यशाला का आयोजन किया गया।
उद्घाटन :
सर्वप्रथम महापौर अनीता राम, उप महापौर रामबालक पासवान, उप विकास आयुक्त सूर्य प्रताप सिंह, नगर आयुक्त गौतम कुमार एवं उप नगर आयुक्त विभूति कुमार ने संयुक्त रूप से दीप प्रज्वलित कर कार्यशाला का विधिवत उद्घाटन किया।
जिज्ञासाओं का समाधान :
इस दौरान मुख्य प्रशिक्षक डॉ. संजय गुप्ता ने ठोस अपशिष्ट प्रबंधन नियम, 2026 के विभिन्न प्रावधानों की विस्तार से जानकारी दी और प्रशिक्षण के दौरान प्रतिभागियों ने विभिन्न विषयों से जुड़ी जिज्ञासाओं का समाधान किया।
जन जागरूकता जरूरी :
अपने संबोधन में महापौर अनीता राम ने कहा कि स्वच्छ और सुंदर शहर के लिए नियमित कचरा उठाव के साथ नागरिकों को जागरूक करना भी जरूरी है। स्वच्छता व्यवस्था को मजबूत बनाने में जनभागीदारी की अहम भूमिका है।” वहीं नगर आयुक्त गौतम कुमार ने कहा कि, “ठोस अपशिष्ट प्रबंधन से जुड़े प्रावधानों की स्पष्ट जानकारी नगर निकायों की कार्यप्रणाली को अधिक व्यवस्थित और प्रभावी बनाएगी।”
संचालन और धन्यवाद ज्ञापन :
कार्यक्रम का संचालन शिक्षक सुभीत कुमार सिंह ने किया।धन्यवाद ज्ञापन करते हुए उप महापौर रामबालक पासवान ने कहा कि, “वार्ड स्तर पर लोगों को जागरूक कर कचरे के उचित निस्तारण के लिए जागरूक और प्रेरित करने से स्वच्छता व्यवस्था को और प्रभावी बनाया जा सकता है।”
उपस्थिति :
प्रशिक्षण के उपरांत नगर आयुक्त गौतम कुमार ने कार्यशाला में शामिल जनप्रतिनिधियों, पदाधिकारियों एवं स्वच्छता पदाधिकारियों को पुष्पगुच्छ और स्मृति चिह्न से सम्मानित किया। कार्यशाला में जिले के विभिन्न नगर परिषदों एवं नगर निकायों के सभापति, उपसभापति, अध्यक्ष, उपाध्यक्ष, कार्यपालक पदाधिकारी सहित अन्य संबंधित प्रतिनिधि मौजूद रहे।