
ओईनी न्यूज नेटवर्क।
Oini 24 समस्तीपुर। “हमारे जीवन में गणित की महत्वपूर्ण भूमिका है। इसके अभाव में सफल व समृद्ध जीवन की कल्पना छोड़िए, एक दिन भी बिताना मुश्किल है।”
डेटा की क्षमता को अनलॉक करना:
प्रधानाचार्य डॉ. शशि ने राष्ट्रीय सांख्यिकी दिवस की अध्यक्षता करते हुए अपने संबोधन में उक्त बातें कही। उन्होंने कहा कि, “प्रोफेसर महालनोबिस के सम्मान में हर साल उनके जयंती को राष्ट्रीय सांख्यिकी दिवस के रूप में अलग अलग थीम पर मनाया जाता है। इसी कड़ी में इस वर्ष का थीम ‘प्रशासनिक डेटा की क्षमता को अनलॉक करना रखा गया है।’
अर्थव्यवस्था को मजबूत बनाने सहयोग :
प्रशासनिक डेटा को ‘अनलॉक’ करने का अर्थ सरकारी विभागों या संस्थाओं द्वारा अपने कामकाज के दौरान एकत्र किए गए रिकॉर्ड्स को शोध और जनहित के लिए सुरक्षित रूप से उपलब्ध कराना है। इससे हमारी अर्थव्यवस्था को मजबूत बनाने में सहयोग मिलेगा।
उद्घाटन और स्वागत अभिनंदन :
शहर के जितवारपुर स्थित समस्तीपुर कॉलेज समस्तीपुर के स्नातकोत्तर गणित विभाग के तत्वावधान में महान वैज्ञानिक व भारतीय सांख्यिकी के जनक प्रोफेसर प्रशांत चंद्र महालनोबिस की जयंती के अवसर पर राष्ट्रीय सांख्यिकी दिवस का आयोजन किया गया। परंपरा के अनुसार दीप प्रज्ज्वलन, सरस्वती वंदना एवं स्वागत गीत के साथ कार्यक्रम का विधिवत शुभारंभ किया गया। तत्पश्चात मैथिल परंपरानुसार पुष्पमाला, पाग और चादर से आगत अतिथियों को सम्मानित किया गया।
भविष्यवाणी करने का गणितीय आधार :
इस अवसर पर गणित विभागाध्यक्ष डॉ शिवानंद पटेल नेअपने संबोधन में कहा कि संसार के सभी क्रियाकलाप गणितीय आधार पर संपादित होती है। डेटा संग्रहण और प्रायिकता आपस में गहराई से जुड़े हुए हैं। प्रायिकता, एकत्र किए गए डेटा के पैटर्न का विश्लेषण करके भविष्य के परिणामों की भविष्यवाणी करने का गणितीय आधार प्रदान करती है।
जीवन को विकास के पथ पर अग्रसर रखने का साधन :
इसी क्रम में डॉ श्वेता दुबे ने कहा कि आज के वैज्ञानिक युग में गणित की भूमिका और बढ़ गई है। कृत्रिम बुद्धिमत्ता, तकनीकी अध्ययन, अनुसंधान, अंतरिक्ष विज्ञान, भू-विज्ञान आदि सहित सभी क्षेत्रों में सांख्यिकी का सहयोग लेना अपरिहार्य बन गया है। क्योंकि आज यह केवल संख्या मात्र नहीं बल्कि समाज एवं जीवन को विकास के पथ पर प्रामाणिक रूप से अग्रसर रखने का साधन बन गया है।”
उपस्थिति :
इस अवसर पर डॉ शालिनी कुमारी भावसिंका, डॉ कविता रावत, डॉ चांदनी रानी, डॉ जितेन्द्र प्रसाद, डॉ कौशलेंद्र झा, श्री शशि शेखर प्रसाद यादव, चंदन कुमार यादव, प्रमेश पावन, रामधनी शर्मा सहित गणित विभाग के छात्र-छात्राएं उपस्थित थे।