
ओईनी न्यूज नेटवर्क।
Oini 24 समस्तीपुर। “मौसमीय अनिश्चितता, गिरते भूगर्भ जल स्तर और निरंतर उर्वरता खो रही मिट्टी के दौर में वैज्ञानिक तकनीक आधारित कृषि समय की मांग है। केंद्र एवं राज्य सरकार इस दिशा में सतत प्रयत्नशील भी है।”
समृद्ध किसान उत्सव” (किसान मेला) के मुख्य अतिथि निदेशक प्रसार शिक्षा, डॉ. राजेंद्र प्रसाद केंद्रीय कृषि विश्वविद्यालय पूसा, रत्नेश कुमार झा, ने किसानों को कृषि क्षेत्र में नवीन तकनीकों और नवाचारों को अपनाने के लिए प्रेरित करते हुए उक्त बातें कही। इस क्रम में उन्होंने कहा कि, “वैज्ञानिक खेती के माध्यम से कृषि को अधिक लाभकारी, टिकाऊ और भविष्य उन्मुख बनाया जा सकता है।”
400 से अधिक किसान, कृषि उद्यमी आदि हुए शामिल :
बताते चलें कि, कृषि जागरण एवं आईसीएआर, कृषि विज्ञान केंद्र (केवीके), बिरौली, एवं डॉ. राजेंद्र प्रसाद केंद्रीय कृषि विश्वविद्यालय (आरपीसीएयू), पूसा के संयुक्त तत्वावधान में “समृद्ध किसान उत्सव” (किसान मेला) सफलता पूर्वक सम्पन्न हो गया। इस कार्यक्रम में समस्तीपुर जिले एवं आसपास के क्षेत्रों से 400 से अधिक प्रगतिशील किसानों, कृषि उद्यमियों, तथा कृषि क्षेत्र से जुड़े हितधारकों ने भाग लिया।
उद्देश्य :
इस विशेष आयोजन का उद्देश्य किसानों को आधुनिक कृषि तकनीकों, उन्नत बीजों, जैविक उत्पादों, फसल प्रबंधन एवं कृषि उपयोगी वाहनों की जानकारी प्रदान करना था। ताकि वे खेती की लागत को कम करते हुए उत्पादकता एवं अपनी आय में वृद्धि कर सकें।
सहभागिता :
कार्यक्रम के दौरान किसानों को कृषि क्षेत्र में हो रहे नवीनतम नवाचारों, वैज्ञानिक तकनीकों तथा कृषि व्यवसाय से जुड़ी नई संभावनाओं से अवगत कराया गया। कार्यक्रम में पार्टनर जायडेक्स एवं टीवीएस मोटर एवं सपोर्टिंग पार्टनर्स के रूप में सोमानी सीड्स, भारतीय स्टेट बैंक तथा इंडो अमेरिकन हाइब्रिड सीड्स (इंडिया) की सक्रिय सहभागिता रही।
प्रदर्शन :
कार्यक्रम स्थल पर उपरोक्त कंपनियों द्वारा आकर्षक स्टॉल लगाए गए, जहां किसानों ने उत्पादों एवं तकनीकों की विस्तृत जानकारी प्राप्त की। इस दौरान टीवीएस मोटर ने अपने लोकप्रिय टीवीएस एक्सएल 100 सीरीज के आधुनिक मॉडलों का प्रदर्शन किया, जिसे ग्रामीण क्षेत्रों और किसानों की आवश्यकताओं को ध्यान में रखकर तैयार किया गया है। इसके अलावा जायडेक्स, इंडो अमेरिकन हाइब्रिड सीड्स (इंडिया) एवं सोमानी सीड्ज़ ने अपने कृषि उत्पादों और उन्नत बीजों का प्रदर्शन किया, जबकि एसबीआई ने किसानों को कृषि ऋण प्राप्त करने की प्रक्रियाओं, विभिन्न योजनाओं एवं बैंकिंग सुविधाओं के बारे में जानकारी दी।
इसके पूर्व सर्वप्रथम आगत अतिथियों, कंपनी प्रतिनिधियों एवं कृषि वैज्ञानिकों के स्वागत सम्मान एवं अतिथियों द्वारा संयुक्त रूप से दीप प्रज्ज्वलन के साथ “समृद्ध किसान उत्सव” का शुभारंभ हुआ।
जैविक खेती अपनाने की सलाह :
इस अवसर पर कृषि विज्ञान केंद्र, बिरौली के प्रमुख डॉ. आर. के. तिवारी ने स्वागत संबोधन के क्रम में किसानों को प्राकृतिक एवं जैविक खेती अपनाने की सलाह दी। उन्होंने कहा कि, “जैविक खेती न केवल उत्पादन की गुणवत्ता बढ़ाती है, बल्कि मिट्टी की उर्वरता बनाए रखने और पर्यावरण संरक्षण में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है।”
सहयोगियों का संबोधन :
इसी क्रम में टीवीएस मोटर की ओर से कार्यक्रम में उपस्थित ब्रांड मार्केटिंग प्रतिनिधि नेहा शॉ, ने किसानों को टीवीएस एक्सएल 100 की विशेषताओं से अवगत कराया। वहीं जायडेक्स के प्रतिनिधियों ने किसानों को अपने विभिन्न जैविक एवं कृषि उपयोगी उत्पादों की जानकारी दी। साथ ही इंडो अमेरिकन हाइब्रिड सीड्स (इंडिया) एवं सोमानी सीड्ज़ के प्रतिनिधियों ने उन्नत बीजों, फसल सुरक्षा तथा आधुनिक कृषि समाधानों के बारे में विस्तार से जानकारी प्रदान की।
संवाद व धन्यवाद ज्ञापन :
कार्यक्रम के दौरान किसानों और कृषि विशेषज्ञों के बीच एक विशेष संवाद सत्र का भी आयोजन किया गया। इस सत्र में किसानों ने खेती से जुड़ी विभिन्न समस्याओं और चुनौतियों को वैज्ञानिकों एवं विशेषज्ञों के समक्ष रखा। इस दौरान विशेषज्ञों ने किसानों को मौसम आधारित खेती, जल संरक्षण, एकीकृत पोषक तत्व प्रबंधन, कीट एवं रोग नियंत्रण तथा आधुनिक कृषि पद्धतियों के बारे में विस्तृत जानकारी दी। साथ ही किसानों ने इस अवसर का लाभ उठाते हुए खेती को अधिक लाभकारी बनाने के लिए महत्वपूर्ण सुझाव प्राप्त किए। अंत में धन्यवाद ज्ञापन और किसानों की समृद्धि और कृषि क्षेत्र के सतत विकास की कामना के साथ कार्यक्रम संपन्न हुआ।

उपस्थिति :
मौके पर विशिष्ट अतिथि एलडीएम प्रसिद्ध झा, डीडीएम नाबार्ड अभिनव कृष्ण, एसबीआई के प्रतिनिधि बैजनाथ शरण, के अलावा प्रगतिशील किसान सुभाष चंद्र कुमार, देवेंद्र झा, विभूति कुमार, पूर्णेन्दु कुमार सहित सैकड़ों किसान कृषि जागरण के सहयोगी मौजूद थे।