
ओईनी न्यूज नेटवर्क।
Oini 24 पूसा। ”किसानों पर जबरन नैनो यूरिया के उपयोग का दबाव डालना बेहद अफसोसनाक एवं दुर्भाग्यपूर्ण है। खरीफ हो या रबी का मौसम, बुआई या सिंचाई का समय खत्म होने पर ही यूरिया और डीएपी किसानों को उपलब्ध कराया जाता है। इस पर ध्यान दिया जाना आवश्यक है। ताकि किसानों को समय से खाद मिल सके।”
योजनाओं का लाभ दिलाने की दिशा में पहल जरूरी :
प्रखंड मुख्यालय स्थित ई किसान भवन के सभागार में बीएओ शेखर कुमार मधुकर की अध्यक्षता में आयोजित प्रखंड स्तरीय शारदीय खरीफ पर कार्यशाला सह प्रशिक्षण कार्यक्रम को संबोधित करते हुए मुख्य अतिथि प्रमुख रविता तिवारी ने उक्त बातें कही।
उन्होंने कहा कि, “किसानों की परेशानी को कृषि पदाधिकारी एवं कर्मियों को अपनी समस्या की तरह भली भांति समझकर उसका समाधान करने की जरूरत है। साथ ही, सरकार की सभी योजनाओं के बारे में किसानों को सही–सही व समुचित जानकारी देकर लाभ दिलाने की दिशा में पहल होनी चाहिए।”
प्राकृतिक खेती अपनाने पर बल :
इस दौरान कृषि विज्ञान केंद्र बिरौली के वैज्ञानिक सुमित कुमार सिंह ने किसानों को भारत सरकार के खेत बचाओ अभियान के अंतर्गत संतुलित उर्वरक प्रबंधन के बारे में विस्तार के साथ जानकारी दिया। साथ ही प्राकृतिक खेती को अपनाने पर बल दिया।
कीटों एवं बीमारियों का नियंत्रण :
इस क्रम में डॉ. सिंह ने बताया कि, “खरीफ सीजन के पौधों में लगने वाले कीट जैसे स्टेम बोरर मक्खियों तथा बीमारियों का विभिन्न प्रकार के ट्रैप तथा ट्राइकोडर्मा और स्यूडोमोनास का भूमि में उपयोग करके इस तरह के सभी कीटों एवं बीमारियों का नियंत्रण किया जा सकता है।”
सरकार की योजना और आधुनिक तकनीक का समायोजन :
कार्यशाला में जिला कृषि पदाधिकारी के निर्देशानुसार प्रतिनियुक्त कृषि विशेषज्ञ एटीएम ताजपुर मारुत नंदन शुक्ला ने किसानों को संबोधित करते हुए कहा कि, “सरकार की योजनाओं के साथ साथ कृषि के नवीनतम तकनीकों को समाहित कर किसानों को लाभान्वित करने की दिशा में पहल करने की आवश्यकता है।”
उपस्थिति :
मौके पर बीस सूत्री अध्यक्ष अमोद कुमार राय, बीस सूत्री उपाध्यक्ष रंजीत शर्मा, माले सचिव अमित कुमार, बीएचओ निधि, कृषि समन्वयक मनोज कुमार, नवीन कुमार, पंचायत सलाहकार रमेश कुमार, सोनम कुमारी, राजू कुमार, संजय कुमार, जगन्नाथ चौधरी, एटीएम आदित्य पांडेय, खुशबू कुमारी आदि मौजूद थे।