
ओईनी न्यूज नेटवर्क।
Oini 24 समस्तीपुर। डॉ. राजेंद्र प्रसाद केंद्रीय कृषि विश्वविद्यालय के अधीनस्थ कृषि विज्ञान केन्द्र बिरौली में 19 मई 2026 से आरम्भ ‘मशरूम उत्पादन एवं प्रसंस्करण तकनीक’ विषयक पांच दिवसीय प्रशिक्षण कार्यक्रम सफलतापूर्वक संपन्न हो गया। इस प्रशिक्षण कार्यक्रम में कुल 35 प्रशिक्षुओं ने भाग लिया।
कम लागत में आर्थिक स्वावलंबन का एक बेहतर आधार :
इस बाबत जानकारी देते हुए केवीके बिरौली के वरीय वैज्ञानिक सह प्रधान डॉ. रविन्द्र कुमार तिवारी ने बताया कि, “मशरूम उत्पादन ग्रामीण क्षेत्रों में कम लागत में रोजगार एवं आर्थिक स्वावलंबन का एक बेहतर आधार बन सकता है। कार्यक्रम का उद्देश्य ग्रामीण युवाओं, किसानों एवं महिलाओं को मशरूम उत्पादन की आधुनिक तकनीकों से अवगत कराते हुए स्वरोजगार के अवसर उपलब्ध कराना है।”
सेहत, स्वाद और समृद्धि का कॉम्बो :
डॉ. तिवारी ने बताया कि, “मशरूम सेहत, स्वाद और समृद्धि का बेजोड़ कॉम्बो है। सबसे खास बात है कि, बेहद कम लागत में अपने रहने–सोने की जगह पर भी इसका उत्पादन शुरू किया जा सकता है।”
दी गई विपणन एवं मूल्य संवर्धन की जानकारी :
प्रशिक्षण के दौरान सुमित कुमार सिंह ने प्रतिभागियों को ऑयस्टर मशरूम, बटन मशरूम एवं मिल्की मशरूम की वैज्ञानिक खेती, कंपोस्ट तैयार करने की विधि, स्पॉन उत्पादन, तापमान एवं आर्द्रता प्रबंधन, रोग एवं कीट नियंत्रण तथा मशरूम के विपणन एवं मूल्य संवर्धन के बारे में विस्तारपूर्वक जानकारी दी।
कम लागत में अधिक लाभ के उपाय :
साथ ही प्रशिक्षुओं को मशरूम उत्पादन इकाई स्थापित करने एवं कम लागत में अधिक लाभ प्राप्त करने के उपायों से भी अवगत कराया गया। प्रशिक्षण के दौरान व्यावहारिक प्रदर्शन के माध्यम से प्रतिभागियों को मशरूम उत्पादन तकनीकों की जानकारी दी गई। ताकि वे स्वयं का उद्यम स्थापित कर आत्मनिर्भर बन सकें।
प्रमाण पत्र वितरण व उपस्थिति :
प्रशिक्षुओं ने प्रशिक्षण कार्यक्रम को अत्यंत उपयोगी बताते हुए कहा कि इससे उन्हें वैज्ञानिक तरीके से मशरूम उत्पादन करने की नई जानकारी प्राप्त हुई है। अंत में सभी प्रतिभागियों को प्रमाण पत्र प्रदान किया गया। मौके पर कृषि विज्ञान केंद्र की वैज्ञानिक ई. विनीता कश्यप तथा उद्यान विशेषज्ञ डॉ. धीरू कुमार तिवारी भी उपस्थित रहे।