
ओईनी न्यूज नेटवर्क।
Oini 24 समस्तीपुर। शहर के जितवारपुर स्थित समस्तीपुर कॉलेज के स्नातकोत्तर इतिहास विभाग द्वारा ‘विजय दिवस’ के रूप में “1857 के महानायक- बाबू वीर कुंवर सिंह” को याद किया गया। कार्यक्रम की शुरुआत दीप प्रज्ज्वलन एवं बाबू वीर कुंवर सिंह के तैल चित्र पर माल्यार्पण एवं पुष्पांजलि अर्पित कर की गई। समारोह की अध्यक्षता प्रधानाचार्य डॉ. शशि भूषण कुमार ‘शशि’ ने की।
चुनौतियों से मुकाबला करने में उम्र कोई मायने नहीं रखती :
स्नातकोत्तर इतिहास विभाग के विभागाध्यक्ष डॉ. दयानंद मेहता ने विषय प्रवेश कराते हुए कहा कि 80 वर्ष की उम्र में तत्कालीन विश्व की सबसे शक्तिशाली ब्रिटिश साम्राज्यवादी ताकत के खिलाफ न सिर्फ तलवार उठाना बल्कि उनकी नाक में दम कर देना विश्व इतिहास की सबसे असाधारण घटना है। यह विजय दिवस हमें प्रेरणा देता है कि चुनौतियों से मुकाबला करने के लिए उम्र कोई मायने नहीं रखती।
महापुरुषों से प्रेरणा लेकर राष्ट्र सेवा के लिए आगे आएं :
अपने अध्यक्षीय संबोधन में प्रधानाचार्य डॉ. शशि ने कहा कि, इस प्रकार के सेमिनार से देश के महापुरुषों को जानने समझने का बेहतरीन मौका मिलता है। इन महापुरुषों से प्रेरणा लेकर युवाओं को राष्ट्र सेवा के लिए आगे आना चाहिए। भीषण गर्मी के बावजूद छात्र-छात्राओं की भारी उपस्थिति पर हर्ष व्यक्त किया।
संचालन व धन्यवाद ज्ञापन :
इस दौरान रसायन शास्त्र विभागाध्यक्ष डॉ. अनिल कुमार सिंह, मनोविज्ञान विभाग के प्राध्यापक डॉ. दिनेश्वर राय एवं इतिहास विभाग के प्रोफेसर अशोक कुमार ने भी अपने विचार व्यक्त किए। मंच संचालन एवं धन्यवाद ज्ञापन इतिहास विभाग के सहायक प्राध्यापक डॉ. रोहित प्रकाश ने किया।
उपस्थिति :
मौके पर हिन्दी विभाग के विभागाध्यक्ष डॉ. महेश कुमार चौधरी, हिन्दी विभाग के सहायक प्राध्यापक डॉ. अपराजिता राय, राजनीतिक शास्त्र के सहायक प्राध्यापक डॉ. विनय कुमार ‘रमन’ एवं इतिहास विभाग के प्राध्यापक प्रोफेसर अखिल वर्मा, डॉ. रवि कुमार गुप्ता के अतिरिक्त बड़ी संख्या में छात्र छात्रा उपस्थित थे।