Close Menu
  • होम |
  • देश/विदेश |
  • राज्य |
  • बिहार |
  • समस्तीपुर |
  • बिजनेस |
  • कृषि |
  • शिक्षा |
  • धर्म |
  • उपलब्धि |
  • सामाजिक |
  • विविध |
  • स्वास्थ्य
Facebook X (Twitter) Instagram
Trending
  • छात्र-छात्राओं ने लिया बाल विवाह मुक्त समाज बनाने का संकल्प
  • हम सिर्फ दिखाने के लिए डॉ. अम्बेडकर की तस्वीर नहीं लगाते  – संजय सिंह
  • विषुव संक्रांति के अवसर पर संथालपरगाना मित्र मंडल ने मनाया 16वाँ स्थापना दिवस
  • प्रसव के दौरान मातृ मृत्यु दर शून्य करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम – डॉ. राणा नितेश
  • भाजपा नीत एनडीए का दोहरा चरित्र उजागर : शाहीन
  • उपभोक्ताओं की आवश्यकता को ध्यान में रखते हुए गैस सिलेंडर की उपलब्धता करें सुनिश्चित : एसडीओ
  • जनगणना एक अत्यंत महत्वपूर्ण एवं जिम्मेदारी पूर्ण राष्ट्रीय कार्य : डीएम
  • डॉ. अम्बेडकर की विचारधारा से मिली मानवता को मजबूती : डॉ. शशि
Facebook X (Twitter) Instagram
Login
OINI24
  • होम |
  • देश/विदेश |
  • राज्य |
  • बिहार |
  • समस्तीपुर |
  • बिजनेस |
  • कृषि |
  • शिक्षा |
  • धर्म |
  • उपलब्धि |
  • सामाजिक |
  • विविध |
  • स्वास्थ्य
Facebook X (Twitter) Instagram
Login
OINI24
  • होम |
  • देश/विदेश |
  • राज्य |
  • बिहार |
  • समस्तीपुर |
  • बिजनेस |
  • कृषि |
  • शिक्षा |
  • धर्म |
  • उपलब्धि |
  • सामाजिक |
  • विविध |
  • स्वास्थ्य
Home » विषुव संक्रांति के अवसर पर संथालपरगाना मित्र मंडल ने मनाया 16वाँ स्थापना दिवस

विषुव संक्रांति के अवसर पर संथालपरगाना मित्र मंडल ने मनाया 16वाँ स्थापना दिवस

14 अप्रैल को ‘मैथिल नव वर्ष’ तथा ‘राष्ट्रीय पर्यावरण दिवस’ घोषित करने की मांग
Dr. Sanjay KumarBy Dr. Sanjay Kumar15/04/2026No Comments3 Mins Read
Facebook WhatsApp Twitter Email
वर्चुअल बैठक में शामिल मिथिला सेवी।

 

ओईनी न्यूज नेटवर्क।

Oini 24 संथालपरगना। अंतरराष्ट्रीय मैथिली परिषद की इकाई ‘संथाल परगना मित्र मंडल’ के तत्वावधान में मंगलवार को विषुव संक्रांति के अवसर पर अपना 16वाँ स्थापना दिवस ऑनलाइन कार्यक्रम के रूप में मनाया गया।

जूर शीतल व पर्यावरण संरक्षण :

कार्यक्रम की अध्यक्षता ओमप्रकाश मिश्र, देवघर ने की। इस अवसर पर प्राचार्य डॉ. रवीन्द्र कुमार चौधरी, जमशेदपुर ने ‘जूर शीतल’ तथा पर्यावरण संरक्षण के परस्पर संबंध और महत्व पर विचार व्यक्त किए। धनबाद से आशा मिश्रा एवं आसनसोल से पूनम झा ने नववर्ष पर आधारित गीत प्रस्तुत किए।

आपसी संवाद में मैथिली का करें प्रयोग :

झारखंड इकाई के अध्यक्ष अमरनाथ झा ने संवत्सर की अवधारणा पर प्रकाश डाला। गोड्डा निवासी सुधांशु झा ने कहा इस पर्व के विविध सांस्कृतिक पक्षों पर प्रकाश डालते हुए विसुआ नामक संथाल परगना के कृषि उत्पाद से इसे जोड़ा और मैथिलों से आपसी संवाद मैथिली में ही करने का आग्रह किया।

मैथिली के अधिकारों पर चिंता :

मिथिला शिक्षा मंच के संयोजक पी. के. झा ‘प्रेम’ (दलसिंहसराय) ने संक्रांति पर्व की परंपराओं का वर्णन किया। मीनाक्षी शिवम, देवघर ने संथाल परगना की परंपराओं की सराहना करते हुए मैथिली के अधिकारों पर चिंता व्यक्त की।

मैथिली की दक्षिणी उपभाषा है अंगिका :

इस दौरान अंतर्राष्ट्रीय मैथिली परिषद के संस्थापक डॉ. धनाकर ठाकुर ने 14 अप्रैल को ‘राष्ट्रीय पर्यावरण दिवस’ घोषित करने की मांग करते हुए कहा कि यह नववर्ष नेपाल, असम, बंगाल, पंजाब, उड़ीसा एवं तमिलनाडु सहित कई राज्यों में वैज्ञानिक आधार पर मनाया जाता है। उन्होंने अंगिका को मैथिली की दक्षिणी उपभाषा बताते हुए जॉर्ज अब्राहम ग्रियर्सन के मत का उल्लेख किया।

जूर शीतल की परंपराओं पर चर्चा :

इस अवसर पर सुरेश पासवान (बेगूसराय), विनय झा (दलसिंहसराय), डॉ. यू.सी. चौधरी, सूरज कुमार, पूनम झा (आसनसोल), रीता झा (कटनी/राजबिराज मूल निवासी), प्रतिभा स्मृति सहित सभी वक्ताओं ने भी अपने विचार व्यक्त किए। कार्यक्रम के दौरान जूर शीतल की परंपराओं—सत्तू-चना का सेवन, दान, पौधों को जल देना, बच्चों के सिर पर जल डालना—का विस्तार से वर्णन किया गया।

काव्य संक्रांति :

हर संक्रांति पर आयोजित कार्यक्रम “काव्य संक्रांति” के अंतर्गत विभिन्न कविताओं एवं गीतों का सस्वर पाठ किया गया। जिसमें डॉ. धनाकर ठाकुर ने ‘करौंदा’ (क्रैनबेरी) पर आधारित कविता प्रस्तुत की। जिसमें हरे, लाल, नारंगी एवं बैंगनी रंगों के माध्यम से जीवन के बाल्यावस्था, युवावस्था एवं परिपक्वता का वर्णन किया गया। इस क्रम में उन्होंने परदेशी पति के विरह में नव ब्याहता तरूणी के व्यथा पर आधारित एक गायन भी प्रस्तुत किया।

मीनाक्षी शिवम ने हास्य एवं स्वास्थ्य पर आधारित कविता “सब मिली हँसी, स्वस्थ रहि औषधि भेटल हँसी के संग” प्रस्तुत की। आशा मिश्रा ने भक्ति गीत— “महिषासुरमर्दिनी अम्बिके, कालिका भवानी” प्रस्तुत किया।

पूनम झा (आसनसोल) ने वृन्दावन-आधारित गीत— “हम कहैत छी दूर, हम सन आयल छी, उत्तर-दक्षिण हम मिलावल” प्रस्तुत किया। मीनाक्षी शिवम द्वारा लोकगीत— “चिरैया टुक-टुक ताकसित, फागुन बीतल, चैत्रो बीतल, नहि आयल बलम हे राम, फूलि गेल टेसू, फूलि गेल नीम हो राम” गाया गया।

धन्यवाद ज्ञापन :

इस दौरान झारखंड में एक बड़े सम्मेलन के आयोजन की मांग की गई। अंत में संस्थापक पटना पुस्तक मेला एन. के. झा, ने धन्यवाद ज्ञापन किया।

How useful was this post?

Click on a star to rate it!

Average rating 0 / 5. Vote count: 0

No votes so far! Be the first to rate this post.

Dr. Dhanakar Thakur Kavya Sankranti Pro P.K Jha Prem Santhal Pargana Mitr Mandal Vishuwa
Share. Facebook WhatsApp Twitter Email
Dr. Sanjay Kumar
  • Website

Related Posts

अनुष्का अजीत कुमार राय ने बिना जूतों के हासिल किया तीसरा स्थान

12/04/2026

जनगणना 2027: समस्तीपुर में डिजिटल महाअभियान का शंखनाद – डीएम

09/04/2026

किसी भी आवश्यक वस्तु की किल्लत बर्दाश्त नहीं : डॉ. विजयलक्ष्मी

01/04/2026
Leave A Reply Cancel Reply

Donate Now

Facebook X (Twitter) Pinterest Vimeo WhatsApp TikTok Instagram

News

  • World
  • US Politics
  • EU Politics
  • Business
  • Opinions
  • Connections
  • Science

Company

  • Information
  • Advertising
  • Classified Ads
  • Contact Info
  • Do Not Sell Data
  • GDPR Policy
  • Media Kits

Services

  • Subscriptions
  • Customer Support
  • Bulk Packages
  • Newsletters
  • Sponsored News
  • Work With Us

Subscribe to Updates

Get the latest creative news from FooBar about art, design and business.

© 2026 oini24. Designed by CS.
  • Privacy Policy
  • Terms
  • Accessibility
  • Contact

Type above and press Enter to search. Press Esc to cancel.

Sign In or Register

Welcome Back!

Login to your account below.

Lost password?