
ओईनी न्यूज नेटवर्क।
Oini 24 डेस्क समस्तीपुर। ठंड के मौसम में जोडों व कमर में खास तौर पर अधेड व बुजुर्गो में दर्द समान्य परेशानी है। आम तौर पर लोग इसे गंभीरता से नहीं लेते और किसी दुकान से कोई भी दर्द निवारक गोली ले कर खा लेते हैं। यह लापरवाही खतरनाक हो सकती है।
शहर के काशीपुर स्थित वीणा फीजियोथेरेपी सेंटर के मुख्य चिकित्सक डाॅ नीरज कुमार ने ठंड के बढते प्रकोप को देखते हुए जोडों व कमर के दर्द को हल्के में नहीं लेने की अपील करते हुए उक्त बातें कही।
उन्होंने कहा कि ये दर्द निवारक गोलियां सिर्फ दर्द का अहसास नहीं होने देती हैं, रीढ़ व हड्डियों में मौजूद बीमारी को ठीक नहीं करतीं। दर्द महसूस न होने पर आप गलत मूवमेंट करते हैं, जिससे परेशानी बढती चली जाती है।
डाॅ मिश्रा ने कहा कि लंबे समय तक इन गोलियों के सेवन से किडनी और लिवर के खराब होने का खतरा 10 गुना बढ़ जाता है। साथ ही यह पेट में गंभीर अल्सर और एसिडिटी का मुख्य कारण भी बनती हैं। सबसे बडी बात यह कि धीरे-धीरे शरीर को इन गोलियों की आदत लग जाती है और धीरे-धीरे इन गोलियों का असर होना बंद हो जाता है।
इसी क्रम में ये गोलियां शरीर की खुद को ठीक करने की क्षमता को भी खत्म कर देती हैं। कुल मिला कर आप यह समझ लें कि दर्द निवारक गोलियों से आप बीमारी का इलाज नहीं कर रहे, बल्कि उसे भविष्य के लिए और खतरनाक बना रहे हैं।
डाॅ मिश्रा ने कहा कि बिना डॉक्टर की सलाह के मेडिकल स्टोर से पेनकिलर लेना अपने शरीर को धीमा जहर देने जैसा है। इसलिए दर्द को दबाएं नहीं, दर्द के कारण का पता लगाकर उसका पक्का इलाज कराएं। जोडों के दर्द केलिए फीजियोथेरेपी एक बेहतर विकल्प है। इसलिए इस तरह की परेशानी में नजदीक के अच्छे फिजिथेरेपिस्ट से अवश्य संपर्क करें।