
ओईनी न्यूज नेटवर्क।
Oini 24 समस्तीपुर। जिला विधिक सेवा प्राधिकार परिसर स्थित विधिक सेवा सदन में प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश सह-अध्यक्ष, जिला विधिक सेवा प्राधिकार समीर कुमार, एवं सचिव, जिला विधिक सेवा प्राधिकार, मनोज कुमार के मार्गदर्शन में जिला विधिक सेवा प्राधिकार के तत्वावधान में मानव तस्करी एवं व्यावसायिक यौन शोषण के पीड़ितों हेतु नालसा योजना 2025 विषय पर एक दिवसीय संवेदनशीलता एवं जागरूकता कार्यशाला का आयोजन किया गया।
पीड़ितों के प्रति संवेदनशील दृष्टिकोण :
इस अवसर पर मानव तस्करी एवं व्यावसायिक यौन शोषण के पीड़ितों के संरक्षण, पुनर्वास, मानसिक सहयोग तथा कानूनी अधिकारों से संबंधित विभिन्न महत्वपूर्ण विषयों पर विस्तारपूर्वक चर्चा की गई। कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य पीड़ितों के प्रति संवेदनशील दृष्टिकोण विकसित करना तथा ट्रोमा इन्फॉर्म्ड अप्रोच के माध्यम से उनके मानसिक, सामाजिक एवं कानूनी पुनर्वास की प्रक्रिया को प्रभावी बनाना था।
पुनः सामान्य एवं सम्मानपूर्ण जीवन :
इस दौरान वक्ताओं ने बताया कि किस प्रकार पीड़ितों के साथ सम्मानजनक, मानवीय एवं संवेदनशील व्यवहार किया जाए कि वे पुनः सामान्य एवं सम्मानपूर्ण जीवन जी सकें।
विशेषज्ञों द्वारा दी गई जानकारी :
कार्यक्रम में नालसा योजना–2025 के विभिन्न प्रावधानों, निःशुल्क विधिक सहायता, पीड़ित क्षतिपूर्ति योजना, पुनर्वास सेवाओं एवं मानसिक स्वास्थ्य सहायता संबंधी विषयों पर विशेषज्ञों द्वारा जानकारी दी गई।
समाज में जागरूकता फैलाना अत्यंत आवश्यक :
इसी क्रम में आयोजक संस्था न्याय नेटवर्क की कार्यक्रम प्रबंधक मालसी समादार ने बताया कि मानव तस्करी एवं व्यावसायिक यौन शोषण जैसे अपराधों के विरुद्ध समाज में जागरूकता फैलाना अत्यंत आवश्यक है। ऐसे पीड़ितों को केवल कानूनी सहायता ही नहीं, बल्कि सामाजिक सहयोग, सुरक्षा एवं पुनर्वास की भी आवश्यकता होती है।
उपस्थिति :
इस अवसर पर विशेष लोक अभियोजक व्यवहार न्यायालय विनोद कुमार सहित कई अधिवक्ता, पैनल अधिवक्ता, पैरा लीगल वालंटियर, आशा सेवा संस्थान समस्तीपुर के सचिव अमित कुमार वर्मा आदि उपस्थित थे। रिसोर्स पर्सन अधिवक्ता श्याम कुमार, जाहिद हुसैन, मनोज कुमार, सोनी कुमारी आदि उपस्थित थे। कार्यक्रम को सफल बनाने में डालसा कर्मी विद्यानंद चौधरी ने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।