
ओईनी न्यूज नेटवर्क
पूसा । डॉ राजेन्द्र प्रसाद केंद्रीय कृषि विश्वविद्यालय पूसा के पंचतंत्र सभागार में भारतीय कृषि सांख्यिकी सोसायटी का तीन दिवसीय 75वां वार्षिक सम्मेलन का शनिवार को समारोहपूर्वक सम्पन्न हो गया।


अतिथियों के स्वागत सम्मान, कुलगीत प्रसारण व दीप प्रज्वलन के उपरांत मुख्य अतिथि कुलपति मराठवाड़ा कृषि विश्वविद्यालय, महाराष्ट्र डॉ. इंद्रमणि मिश्रा ने कहा कि एआई तकनीक और डिजिटल प्रौद्योगिकियों को अपनाने से कृषि प्रथाओं में स्थिरता लाई जा सकती है। इस दौरान उन्होंने अप्रत्याशित व अनिश्चित जलवायु परिवर्तन के प्रभाव के मद्देनजर बेहतर अनुकूलन रणनीतियों को बढ़ावा देने में सांख्यिकी के महत्व पर विस्तार से चर्चा किया।



डॉ इंद्रमणि ने कहा कि ज्ञान, विज्ञान व अनुसंधान की धरती है पूसा। यहां आकर वे स्वयं को धन्य महसूस कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि कुलपति डॉ पांडेय की डिजिटल एग्रीकल्चर के क्षेत्र में कामयाबी देश भर के विश्वविद्यालयों के लिए प्रेरक है।



विश्वविद्यालय के कुलपति डॉ. पीएस पांडेय ने अपने संबोधन में कृषि शिक्षा में समानता, सुगमता, प्रचार, प्रासंगिकता, गुणवत्ता और क्षमता निर्माण का उल्लेख करते हुए कच्चे कॉलम, सुडोकू-आधारित डिजाइन और परीक्षणों में नैनो-स्केल इनपुट को शामिल करने का जिक्र किया। इस क्रम में एआई-आधारित टूल्स उदली, गोरिएक्ट और चैट जीपीटी, की क्षमता और विश्वविद्यालय में नए प्रौद्योगिकियों के विकास का भी उल्लेख किया।



इस अवसर पर सबसे पहले अधिष्ठाता डॉ. अमरेश चंद्रा ने स्वागत संबोधन में कांफ्रेंस के विभिन्न सत्रों की जानकारी दी। आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस पर बेस्ट पेपर के लिए डॉ राकेश मणि शर्मा को पुरस्कृत किया गया।

मौके पर भारतीय कृषि सांख्यिकी सोसायटी के अध्यक्ष डॉ पद्म सिंह एवं देव संस्कृति विश्वविद्यालय के पूर्व कुलपति डॉ एसडी शर्मा निदेशक शिक्षा डॉ उमाकांत बेहरा, निदेशक प्रसार डॉ मयंक राय, डीन इंजीनियरिंग डॉक्टर राम सुरेश वर्मा, डॉ महेश कुमार, डॉ शिवपूजन सिंह, डॉ कुमार राज्यवर्धन सहित सभी वैज्ञानिक व पदाधिकारी उपस्थित थे।