ओईनी न्यूज नेटवर्क।
समस्तीपुर। जिले के डाॅ राजेंद्र प्रसाद केंद्रीय कृषि विश्वविद्यालय पूसा स्थित संचार केन्द्र सभागार में समेकित प्रणाली से मत्स्य पालन विषय पर छह दिवसीय प्रशिक्षण एवं परिभ्रमण कार्यक्रम मंगलवार को आरंभ हुआ।
इस अवसर पर उद्घाटन सत्र को संबोधित करते हुए कार्यक्रम की अध्यक्षता कर रहे निदेशक छात्र कल्याण डॉ रमण त्रिवेदी ने कहा कि मत्स्य पालन में बेहतर उत्पादन से अधिक मुनाफा लेने के लिए समेकित कृषि प्रणाली तकनीक अपनाने

की जरूरत है। बिहार राज्य में वर्ष 2010.11 के बाद से मत्स्य पालन के क्षेत्र में पॉलिसियों में बहुत बड़ा बदलाव किया गया है। बिहार के मत्स्य पालन में करीब करीब 80 प्रतिशत का बढ़ोतरी दर्ज हुआ है। जिज्ञासा वाले लोग आजकल अक्सर सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म उपयोग कर बेहतर व्यवसाय करने में सफल हो रहे है।
उन्होंन कहा कि परंपरागत तकनीक में मछली का उत्पादन निर्धारित तालाब में लगभग एक टन हुआ करता था जबकि आजकल के आधुनिक युग में वैज्ञानिकी विधि से 5 से टन का उत्पादन संभव हो सका है। तालाब का समुचित प्रबंधन के क्षेत्र में मत्स्यपालकों को तकनीकी ज्ञानवर्धन सुनिश्चित करना होगा। तालाब में गुणवत्तापूर्ण सीड्स डालने पर उत्पादकता दर में वृद्धि संभव है। मत्स्य पालन के दौरान पोखरा में रोग फैलने से पहले ही निदान कर लेना ही मुनासिब होता है। हेचरी उत्पादन भी मत्स्य पालन में बेहतर विकल्प होता है। रंगीन मछली का व्यवसाय से जुड़कर राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय बाजारों का लाभ लिया जा सकता है।

इसके पुर्व स्वागत भाषण एवं विषय प्रवेश कराते हुए अधिष्ठाता पीजीसीए सह निदेशक प्रसार शिक्षा डाॅ मयंक राय ने कहा कि बीते 10 वर्षों में मत्स्य पालन के क्षेत्र में ज्यादा ध्यान दिया जा रहा है। मत्स्य पालन में अक्सर लोग तकनीक विहीन ही किया करते है। कोई तालाब या घर के अगल बगल के छोटे छोटे तालाबों में जीरा छोड़ देते और जो भी उसे बेच कर संतोष कर लेते है। इस व्यवसाय में वैज्ञानिकी तकनीकों को समाहित करने की जरूरत है। एकीकृत कृषि में मत्स्य पालन को जोड़कर सफल व्यवसायी बन सकते है।
बताते चलें कि यह प्रशिक्षण बिहार सरकार के मत्स्य निदेशालय पशु एवं मत्स्य संस्थान विभाग के माध्यम से आयोजित किया है। संचालन प्रसार शिक्षा उप निदेशक प्रशिक्षण डा बिनीता सतपथी ने की। धन्यवाद ज्ञापन वैज्ञानिक डाॅ फूलचंद ने किया। प्रशिक्षण के इस सत्र में जहानाबाद जिला से 30 मत्स्य पालक एवं किसान शामिल हो रहे है। मौके पर जहानाबाद के मत्स्य प्रसार पदाधिकारी चंदन कुमार सहित तकनीकी टीम के सुरेश एवं सूरज आदि मौजूद थे।