
ओईनी न्यूज नेटवर्क।
Oini 24 समस्तीपुर। डॉ राजेन्द्र प्रसाद केंद्रीय कृषि विश्वविद्यालय पूसा के मेला प्ररिक्षेत्र में उन्नत कृषि– विकसित भारत थीम पर आयोजित तीन दिवसीय क्षेत्रीय किसान मेला का भव्य समारोह पूर्वक शुभारंभ हुआ। विश्वविद्यालय के कुलपति द्वारा पुष्प गुच्छ से स्वागत अभिनन्दन के बाद बिहार सरकार के कृषि मंत्री रामकृपाल यादव ने सबसे पहले फीता काट कर मेला का उद्घाटन किया।
मेला भ्रमण, स्टॉल निरीक्षण व संगोष्ठी का उद्घाटन :


तत्पश्चात उन्होंने मेला ग्राउंड में प्रदर्शित विकसित कृषि उन्नत भारत, मशरूम हब, उद्यानिकी, पशुपालन एवं कुक्कुट पालन, मृदा विहीन खेती सहित अन्य प्रदर्शित स्टॉल का अवलोकन किया। मेला भ्रमण और स्टॉल निरीक्षण के बाद मुख्य कार्यक्रम स्थल पर पहुंचे। जहां मुख्य अतिथि सहित तमाम अतिथियों का मैथिल परंपरानुसार पाग, शॉल , स्मृति चिन्ह, व उपहार के साथ अभिनंदन के उपरांत कुलगीत प्रसारण, व अतिथियों द्वारा संयुक्त रूप से दीप प्रज्वलन के साथ संगोष्ठी का विधिवत उद्घाटन किया।

दिखने लगा है कृषि रोड मैप का असर :
इस दौरान मेला में बड़ी संख्या में पधारे महिला–पुरुष किसानो, वैज्ञानिक व छात्रों को संबोधित करते हुए कृषि मंत्री श्री यादव कहा कि, बिहार की पहचान कृषि से है। क्योंकि आज भी यहां के करीब 70 प्रतिशत से अधिक लोग खेतिहर हैं। इसीलिए कृषि के समग्र विकास के लिए रोड मैप को लाया गया जिसका असर बिहार में दिखने लगा है।
बिहार की नई पहचान बना मशरूम :
उन्होंने कहा कि, कृषि के बढ़ावा के लिए सरकार सतत प्रयास रत है जिसका असर यह हुआ कि मक्का के क्षेत्र में बिहार अग्रणी पंक्ति में शामिल है, वही मखाना के बढ़ते मांग के कारण देश व विदेश में इसका बाजार तेजी से बढ़ रहा है। इस क्रम में उन्होंने मशरूम की चर्चा करते हुए कहा कि, समृद्धि और स्वाद का यह कॉम्बो आज बिहार की नई पहचान बन गया है।
नए तकनीकों से किसान होंगे लाभान्वित :
मंत्री ने कहा कि सब्जी के उत्पादन क्षेत्र में भी बिहार अग्रणी बना है। उन्होंने कहा कि इस मेले के आयोजन से किसानों को नवीनतम कृषि तकनीकी जानकारी मिलेगी और किसान इनको अपना कर अधिक उत्पादन कर लाभान्वित हो सकते हैं।
किसानों और कृषि की भूमिका अहम :
श्री यादव ने कहा कि जलवायु परिवर्तन के दौर में आने वाली चुनौतियों को किसान एवं कृषि वैज्ञानिक मिलकर दूर कर सकते हैं। प्रधानमंत्री के 2047 के विकसित भारत की संकल्पना में कृषि एवं किसानों की भूमिका अहम होगी।
कुलपति का संबोधन :
अपने अध्यक्षीय संबोधन में कुलपति डॉ पी एस पांडेय ने कहा कि, “पूसा कृषि शिक्षा, विज्ञान, शोध व अनुसंधान की जननी है । किसान मेला का उद्देश्य किसानों तक कृषि के ज्ञान को पहुंचाना है।”
मखाना के विकास के लिए विशेष टीम :
उन्होंने कहा कि मैं बिहार में मखाना बोर्ड की स्थापना होना बेहद खास है। आने वाले समय में मखाना उत्पादन में भी बिहार शीर्ष पर होगा। मखाना के विकास के लिए विश्वविद्यालय की एक विशेष टीम इस पर काम करेगी।
पद्म श्री किसान चाची सहित कई वैज्ञानिक व किसान थे मौजूद :
धन्यवाद ज्ञापन के.वी.के. बिरौली के प्रधान डॉ. आर.के तिवारी. ने किया। इस दौरान निदेशक प्रसार शिक्षा डॉ. आर.के. झा, निदेशक अनुसंधान डॉ ए.के. सिंह, डॉ. कुमार राज्यवर्धन, जय कृष्ण झा, किसान चाची पद्मश्री राजकुमारी देवी सहित महिला, पुरुष किसान व वैज्ञानिक उपस्थित थे।