
ओईनी न्यूज नेटवर्क।
Oini 24 डेस्क समस्तीपुर। अपने लाइफस्टाइल में परिवर्तन कर हम अपने स्वास्थ्य को बेहतर कर सकते हैं। इसके लिए हमें अपने शरीर को जानने, समझने और अपने खान–पान में मामूली बदलाव लाने की जरूरत है।
मुंगेर विश्वविद्यालय की राष्ट्रीय सेवा योजना इकाई और वीगन आउटरीच संस्था के संयुक्त तत्वाधान में आयोजित ‘फूड प्लैनेट हेल्थ’ विषयक एक वेबिनार की अध्यक्षता करते हुए मुख्य अतिथि मुंगेर विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो डॉ संजय कुमार ने उक्त बातें कही।
इस दौरान उन्होंने “वीगन” को आत्मसात करने आवश्यकता पर बल देते हुए इसे जीवन में अपनाने के लिए मार्गदर्शन दिया।

शुक्रवार को विश्वविद्यालय में आयोजित एक घंटे के इस वेबीनार में विशिष्ट अतिथि के तौर पर वीगन आउटरेज के समन्वयक अभिषेक दुबे और मुंगेर विश्वविद्यालय के कुलसचिव डॉ घनश्याम राय मौजूद थे। वेबीनार का संयोजन एवं संचालन मुंगेर विश्वविद्यालय के कार्यक्रम समन्वयक मुनींद्र कुमार सिंह ने किया।
इस अवसर पर वीगन आउटरीच के समन्वयक अभिषेक दुबे ने फूड प्लैनेट हेल्थ विषय पर मुख्य वक्ता के रूप में वेबिनार में पावरप्वाइंट प्रेजेंटेशन के माध्यम से वैश्विक पर्यावरण की स्थिति, हमारे भोजन का हमारे पर्यावरण, हमारे स्वास्थ्य और पशु पक्षियों से संबंध, जलवायु परिवर्तन व जैव विविधता पर इसके विनाशकारी प्रभाव पर विस्तृत चर्चा की।
उन्होंने बताया कि वैगन का मतलब एनिमल उत्पादों का सेवन न कर सिर्फ पौधे से प्राप्त उत्पादों का ही सेवन करना है जो आज के समय की मांग बन गई है। पहली बार कोविड-19 के दौरान वीगन की आवश्यकता को महसूस किया गया।
मुंगेर विश्वविद्यालय के कुलसचिव ने कहा कि एनएसएस बेविनार के माध्यम से एकेडमिक एनवायरमेंट को जीवंत करने का प्रयास कर रहा है मुंगेर विश्वविद्यालय की एनएसएस इकाई का यह प्रयास सराहनीय है।
इस वेबीनार में कुल 500 स्वयंसेवकों ने हिस्सा लिया। जिसमें बीगन से जुड़ी बहुत ही रोचक और महत्वपूर्ण जानकारियां दी गई व धरती व स्वास्थ्य को बचाने वाले तरीकों को बताया गया। बेविनार के अंत में स्वयंसेवकों के लिए प्रश्नोत्तरी सेशन भी आयोजित किया गया। जिसमें स्वयं सेवकों की जिज्ञासाओं का समुचित समाधान किया गया।
इस वेबिनार का उद्देश्य एक अच्छी जागरूकता लाकर व्यक्तिगत प्रयासों के माध्यम से अपने पर्यावरण, स्वास्थ्य व प्राणियों को बचाना है। इस दौरान ईमेल के माध्यम से फीडबैक लेने के बाद सभी प्रतिभागियों को एक प्रतिभाग प्रमाण पत्र भी दिया गया।